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ग़ज़ल : शुभ सजीला आपको नव साल हो.

ग़ज़ल : शुभ सजीला आपका नव साल हो.

 

गर्व से उन्नत सभी का भाल हो.

शुभ सजीला आपका नव साल हो.

 

कामना मैं शुभ समर्पित कर रहा,

देश का गौरव बढ़े खुश हाल हो.

 

आसमां हो महरबां कुछ खेत पर,

पेट को इफरात रोटी दाल हो.

 

मुल्क के हर छोर में छाये अमन,

हो तरक्की देश मालामाल हो.

 

आदमी बस आदमी बनकर रहे,

जुल्म शोषण का न मायाजाल हो.

 

मन्दिरों औ मस्जिदों को जोड़ दें,

घोष जय धुन एक ही सुरताल हो.

 

भेद फिरकों का न हो इंसान में,

एक ऐसा भी सुनहरा काल हो.    

**हरिवल्लभ शर्मा 

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment by somesh kumar on December 28, 2014 at 11:44pm

आ. प्रार्थना है की नव वर्ष आपकी रचना में की गई कामनाओं को साकार करने वाला साबित हो |


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 28, 2014 at 11:19pm

कामना मैं शुभ समर्पित कर रहा...  अवश्य, आदरणीय

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 11:02pm

आदरणीय शिज्जू "शकूर" साहब शेर को इस तरह करने इस्लाह चाहता हूँ.."आसमां हो महरबां कुछ खेत पर..." तो वज्न ठीक हो जाता है...सादर ..

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:24pm

आदरणीय rahul dangi साहब आपका स्नेह मिला हार्दिक आभार..सादर.

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:21pm

आदरणीय Saurabh Pandey जी आपकी स्नेहिल टीप के साथ मार्गदर्शन मिला है.."कामनाएं शुभ समर्पित कर रहा ..को ..."कामना मैं शुभ समर्पित कर रहा"..कर देने शायद ठीक होगा, कृपया मार्गदर्शित कर अनुमति की अपेक्षा है.साथ ही..आदरणीय शिज्जू 'शकूर" साहब के निर्देश का भी शंका का समायोजन किया जाना है..सादर 

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:12pm

आदरणीय मिथिलेश वामनकर साहब आपकी स्नेहिल टीप का हार्दिक आभार...सादर.

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:10pm

आदरणीय Hari Prakash Dubey जी आपकी स्नेहिल प्रतिक्रिया का  हार्दिक  आभार...सादर.

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:08pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी सादर आभार आपने ग़ज़ल पर अनुमोदन दिया ..स्नेह बनाये रखें...

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:06pm

आदरणीय ram shiromani pathak साहब हार्दिक आभार आपका अनुमोदन मिला.

Comment by harivallabh sharma on December 28, 2014 at 10:05pm

आदरणीय Er. Ganesh Ji "Bagi" जी आपका हार्दिक आभार ..आदरणीय शिज्जू "शकूर" साहब का मार्गदर्शन मिला है..महरवा मुझे म+हर+वां लगा था..इसलिए 1 22..कर लिया था...जैसा आप का निर्देश है..सादर ..

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