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तूने व्यर्थ नयन छलकाये हैं…

तूने व्यर्थ नयन छलकाये हैं…

राही प्रेम पगडंडी पर
क्योँ तूने कदम बढाये हैं
हर कदम पर देते धोखे
छलिया हुस्न के साये हैं
तेरे निश्छल भाव को समझें
किसके पास ये फुर्सत है
पल भर में ये अपने हैं
अगले ही पल पराये हैं
व्यर्थ है बादल भटकन तेरी
प्रेम विहीन ये मरुस्थल है
तुझे पुकारें तुझसे लिपटें
कहाँ वो व्याकुल बाहें हैं
हर और लगा बाजार यहाँ
हर और मुस्कानों के मेले हैं
छद्म वेश में करती घायल
बे-बाण यहाँ निगाहें हैं
तेरे गिरते आंसू को न
कोई हथेली न रोकेगी
पत्थर दिल के आंचल पर
तूने व्यर्थ नयन छलकाये हैं


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 654

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Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 10:50am

आदरणीय  जितेन्द्र पस्टारिया जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल शुक्रिया।  आभार  विलम्ब के लिए क्षमा। 

Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 10:50am

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल शुक्रिया।  आभार  विलम्ब के लिए क्षमा। 

Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 10:50am

आदरणीय  शिज्जु "शकूर"जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल शुक्रिया।  आभार  विलम्ब के लिए क्षमा। 

Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 10:49am

आदरणीय   gumnaam pithoragarhi  जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल शुक्रिया।  आभार  विलम्ब के लिए क्षमा।

Comment by Sushil Sarna on January 28, 2015 at 10:48am

आदरणीय  Er. Ganesh Jee "Bagi" जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का तहे दिल शुक्रिया।  आभार  विलम्ब के लिए क्षमा। 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 26, 2015 at 7:01pm

आदरणीय शुशील जी , सुंदर भाव लिए प्रस्तुति. बधाई व् गणतंत्र दिवस कि शुभकामनायें


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 26, 2015 at 10:45am

आदरणीय सुशील भाई , बढ़िया रचना हुई है , आपको हार्दिक बधाई ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 26, 2015 at 8:39am

आदरणीय सुशील सर अच्छी भावाभिव्यक्ति है बहुत बहुत बधाई इस रचना के लिये

Comment by gumnaam pithoragarhi on January 25, 2015 at 10:35pm

सुन्दर, भावपूर्ण , बधाई आदरणीय सुशील सरना जी, सादर।


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 25, 2015 at 1:54pm

आदरणीय सुशील सरना जी, अच्छी रचना प्रस्तुत हुई है. बहुत बहुत बधाई.

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