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जिंदगी को सब प्यार करते है ,
इसलिए नहीं कि वह हमें जीने का मौक़ा देती है ,
बल्कि इसलिए कि वह हमें प्यार से जीने का मौक़ा देती है,
प्यार करने , प्यार बांटने और प्यार में रहने का मौक़ा देती है ,
प्यार है तो जिंदगी में कोई बोझ बोझ नहीं है ,
प्यार नहीं है तो जिंदगी से बड़ा कोई बोझ नहीं है ,
हम जिंदगी के लिए जीना नहीं चाहते हैं ,
हम प्यार के लिए जीना चाहते हैं,
हम प्यार के लिए जिंदगी चाहते है ,
इसीलिये हम सब जिंदगी को प्यार करते है .

हैपी वैलेंटाइन डे ,


डॉO विजय शंकर



मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Dr. Vijai Shanker on February 15, 2015 at 11:30am
आदरणीय हरी प्रकाश दुबे जी, आभार , सादर।
Comment by Hari Prakash Dubey on February 15, 2015 at 11:15am

आदरणीय विजय शंकर सर बहुत ही सुन्दर सन्देश 

''प्यार है तो जिंदगी में कोई बोझ बोझ नहीं है ,
प्यार नहीं है तो जिंदगी से बड़ा कोई बोझ नहीं है ,''...सुन्दर रचना ! सादर 

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 15, 2015 at 3:39am
प्रिय मिथिलेश जी, आभार, सादर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on February 15, 2015 at 3:16am

आदरणीय विजय शंकर सर इस सुन्दर कविता के लिए हार्दिक बधाई निवेदित है 

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 14, 2015 at 11:37pm
आदरणीय डॉ o गोपाल नारायण जी, आपको भी , हैपी वेलेंटाइन डे , आपका आभार , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 14, 2015 at 11:36pm
आदरणीय महर्षि त्रिपाठी जी, आभार , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 14, 2015 at 11:35pm
आदरणीय जगदीश पंकज जी, आभार , सादर।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on February 14, 2015 at 8:52pm

विजय सर !

हैप्पी वैलेंटाइन  i  सादर i

Comment by maharshi tripathi on February 14, 2015 at 8:13pm

बहुत खूब आ.विजयशंकर जी ,,आज की युवा के लिये सही सीख ,,,आपको हार्दिक बधाई |

Comment by JAGDISH PRASAD JEND PANKAJ on February 14, 2015 at 6:06pm

''प्यार है तो जिंदगी में कोई बोझ बोझ नहीं है ,

प्यार नहीं है तो जिंदगी से बड़ा कोई बोझ नहीं है ,''

बहुत सुन्दर --जगदीश पंकज

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