For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

“ये देखो विज्ञान आज कितनी तरक्की कर रहा है कितनी अद्दभुत मशीन बना डाली, पुरुष भी महसूस करके देख सकते हैं अब प्रसव वेदना को|" टाइम्स ऑफ़ इण्डिया में हेडिंग Chinese men get a taste of labor pain with a machine को पढ़ते हुए प्रोफ़ेसर बक्शी अपनी पत्नी से अचानक बोल उठे

”पापा क्या कभी कोई ऐसी मशीन भी बन पाएगी जो रेप के दर्द को भी पुरुष महसूस कर सकें” थोड़ी दूरी पर बैठी बेटी के अचानक इस प्रश्न ने पापा को अन्दर तक झिंझोड़ कर रख दिया बेटी के सिर पर हाथ फिराते हुए अपनी आँखों में आये  आँसुओं को छुपाने के लिए अन्दर चले गए|   

(मौलिक एवं अप्रकाशित)  

Views: 898

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by pratibha pande on July 28, 2015 at 6:29pm

कथा का पुरुष संवेदनशील है  इसलिए आँखों में आंसू आये वरना आम पुरुष इस बात को कोरी भावुकता और किताबी बात  कहकर परे कर  देता I झटका देने वाली कहानी है आ० राजेश कुमारी जी 

Comment by विनोद खनगवाल on July 28, 2015 at 6:05pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी, बहुत ही बेहतरीन संवेदनाओं से परिपूर्ण मार्मिक लघुकथा है। लघुकथा की पंच लाइन इतनी सशक्त और असरदार है पढते पढते आंखें नम हो गईं। बधाई स्वीकार करें।
जो कुछ वर्ड अंग्रेजी हैं अगर उनको हिंदी लिपि में लिखा जाए तो कथा और अच्छी लगेगी।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 28, 2015 at 9:28am

प्रशांत प्रियदर्शी जी,इस लघु कथा ने आपको प्रभावित किया मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से आभार आपका | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 28, 2015 at 9:27am

आ० रीता गुप्ता जी,आपको लघु कथा पसंद आई मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से आभारी हूँ | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 28, 2015 at 9:26am

आ० डॉ० नीरज जी,लघु कथा के अनुमोदन हेतु आपका दिल से आभार |  

Comment by Prashant Priyadarshi on July 28, 2015 at 1:09am

वाह!! बेहतरीन कृति!! सोचने पर मजबूर करती हुई, पूर्णतः सामयिक एवं प्रासंगिक रचना.

Comment by Rita Gupta on July 28, 2015 at 12:16am

गजब ,बढ़िया .लाख टके का सवाल एक बच्ची के मुख से .

Comment by Dr. (Mrs) Niraj Sharma on July 27, 2015 at 11:28pm

बहुत ही मार्मिक रचना। सही सवाल बच्ची का। बधाई आ. राजेश कुमारी जी।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 27, 2015 at 10:03pm

आ० कांता जी ,लघु कथा के अनुमोदन हेतु दिल से आभार लीजिये | जिस देश में रेपिस्ट खुले घूमते हों ,या जेलों में मेहमान बना कर रखे हों उस देश से क्या उम्मीद कर सकते हैं कांता  जी .

Comment by kanta roy on July 27, 2015 at 9:57pm
सार्थक और संवेदनशील रचना हुई है यह आदरणीया राजेश जी । सच ऐसी भी मशीन आनी चाहिए जरूर !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service