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नत मस्तक आभार ( दोहें) - लक्ष्मण रामानुज

ईश कृपा से ही हुऐ, सात दशक ये पार,
बाँट सका सुख-दुख सदा,उन सबका आभार | - 1

 

सहयोगी मन भाव से, दिया जिन्होनें साथ,

आभारी उनका सदा,  भली करेंगे नाथ |  - 2

 

सीख मिली जिनसे सदा, उनका ऐसा कर्ज,

चुका सकूँ क्या मौल मै, पूरा करने फर्ज | = 3

 

गुरुजन को मै दे सकूँ, क्या ऐसी सौगात,

सूरज सम्मुख दीप की, आखिर क्या औकात |-4

 

कृपा करे माँ शारदा, तब कुछ मिलता ज्ञान,

विद्वजनों के योग से, लिया सदा संज्ञान | = 5

 

गुरुजन को मै दे सकूँ, क्या ऐसी सौगात,

सूरज सम्मुख दीप की, क्या कोई औकात | - 6

 

जय हो वीणा वादिनी, जिसने किया कृतज्ञ

साहित्यिक पहचान मिली, बना हुआ था अज्ञ | - 7

 

जन्म दिवस पर सब मुझे, करो अगर स्वीकार

मुक्त ह्रदय से कर रहा, नत मस्तक आभार  | - 8

 

विभू मुझे देना सदा, अमर प्रेम की गंध,
प्रेम प्रीत दिल में रहे, मधुर भाव सम्बन्ध | - 9

.
(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 24, 2015 at 11:32am

बहुत  बहुत आभार आपका श्री श्याम नारायण वर्मा  जी | सादर 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 20, 2015 at 9:00pm

बहुत बहुत  आभार आदरणीय श्री JAWAHAR LAL SINGH  जी | सादर 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 20, 2015 at 8:58pm

रचित दोहे सराहने  के लिए और शुभ कामनाओं के लिए ह्रदय से आपका आभार आदरणीय श्री सत्यनारायण सिंह जी | सादर 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 20, 2015 at 8:57pm

हार्दिक आभार आपका  श्री सतविंदर सिंह जी 

Comment by Shyam Narain Verma on November 20, 2015 at 3:55pm
खुश रहें सदा मान्यवर , जियें हजारों साल ।
खुशी कदम चूमे सदा , जीवन हो खुशहाल ।
सादर.....
Comment by JAWAHAR LAL SINGH on November 19, 2015 at 10:10pm

विभू मुझे देना सदा, अमर प्रेम की गंध,
प्रेम प्रीत दिल में रहे, मधुर भाव सम्बन्ध .

******

लड़ियाँ कुण्डलियाँ बने, ऐसे अग्रज आप 

नेह प्रेम मन में बसे, रहे न कोई शाप! 

आदरणीय लडीवाला साहब, आपके जन्म दिन की अनन्त शुभकामनाएं !

Comment by Satyanarayan Singh on November 19, 2015 at 8:17pm

आदरणीय लडिवाला जी सादर

            जन्मदिन पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं.......
आने वाला प्रत्येक नया दिन, आपके जीवन में अनेकानेक सफलताएँ एवं
अपार खुशियाँ लेकर आये !  आपका जीवन  दीर्घायु एवं निरामय हो  यही ईश्वर से नेक कामना चाहता हूँ.

जन्मदिन के शुभ अवसर पर  सुन्दर भावपूर्ण   प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई आदरणीय

सादर

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on November 19, 2015 at 8:13pm
हार्दिक बधाई एवम् शुभकामनाएं आदरणीयआदरणीय लक्ष्मणलक्ष्मण रामानुज लडीवाला जी

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