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 सरसी छंद

वृन्दावन की ले पिचकारी,बरसाने का रंग|

अंग अंग धो डालो पीकर ,महादेव की भंग|

राधा जैसी पावनता ले ,कान्हा जैसा प्यार|

बरसाओ पावन रंगों की ,रिमझिम मस्त फुहार| 

 

चन्दा से लेकर कुछ चाँदी ,औ सूरज से स्वर्ण|

केसर की क्यारी से चुनकर ,केसरिया नव पर्ण|

सच्चाई मन की अच्छाई ,साथ मिलाकर घोट|

पावन रंग बनाना  सच्चा ,नहीं मिलाना खोट|

 

द्वेष क्लेश से मैले मुखड़े ,जग में मिलें अनेक|

भूल हरा केसरिया आओ ,हों जाएँ सब एक|

भीतर से तन मन उजला हो,तभी सफल हो पर्व|

अपने भारत के पर्वों पर ,हम सब को हो गर्व|   

---------मौलिक एवं अप्रकाशित   

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 16, 2017 at 7:27pm

प्रिय  कल्पना भट्ट जी ,आपको ये छंद पसंद आये बहुत बहुत आभार आपका .एक पुरानी पोस्ट को ताज़ा करने का भी शुक्रिया .

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on August 15, 2017 at 11:07pm

बहुत सुंदर छंद कहे हैं आपने आदरणीया राजेश दी | मजा आया पढ़कर | बहुत बहुत बधाई आपको | सादर |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 15, 2017 at 1:51pm

प्रिय सीमा मिश्रा जी ,आपको छंद पसंद आये आपका बहुत बहुत आभार |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 15, 2017 at 1:50pm

आद० अशोक रक्ताले जी ,आपकी प्रतिक्रिया से मन हर्षित है आपको छंद पसंद आये मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से आभारी हूँ . 



सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 15, 2017 at 1:49pm

आद० डॉ० आशुतोष जी ,आपकी प्रतिक्रिया से मन हर्षित है आपको छंद पसंद आये मेरा लिखना सार्थक हुआ दिल से आभारी हूँ . 

Comment by Ashok Kumar Raktale on March 15, 2017 at 11:33am
आदरणीया राजेश कुमारी सादर, होली की मस्ती और मेल मिलाप का पावन सन्देश लिए सभी सरसी छंद सुन्दर और मन भावन रचे हैं । बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें । सादर ।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on March 14, 2017 at 8:09pm
आदरणीया राजेश जी होली पर इस शानदार रचना की सौगात के लिए ढेर सारी बधाई हरा केसरिया वाली पंक्ति से आपने सार्थक सन्देश के लिए हरसिक बधाई होली पर आपको भी शेर सारी शुभकामनाएं सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 14, 2017 at 6:29pm

आद० समर भाई जी ,आपको ये सरसी छंद पसंद आये मेरा लिखना सार्थक हो गया आपका दिल से बहुत बहुत आभार .

Comment by Samar kabeer on March 14, 2017 at 6:04pm
बहना राजेश कुमारी जी आदाब,बहुत उम्दा सरसी छन्द लिखे आपने पढ़कर आनन्द आ गया,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
साथ ही होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ।
Comment by Mohammed Arif on March 14, 2017 at 11:35am
आदरणीया राजेश कुमारी आदाब,सरसी छंद के बारे में जानकारी देने के लिए आपका तहेदिल से आभार ।

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