For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कुंडलियाँ-रामबली गुप्ता

जीवन में निज यत्न से, करिये ऐसे काम।
आप रहें या ना रहें, रहे सदा पर नाम।
रहे सदा पर नाम, नया इतिहास बनाएँ।
बनें जगत प्रतिमान, लोग यश गाथा गाएँ।
अगर समर्पण-स्नेह-धैर्य-साहस रख मन में।
हों इस हेतु प्रयास, सफल होंगे जीवन में।।1।।

जग में कठिन न है सखे, करना कोई काम।
दृढ निश्चय कर के बढ़ो, होगा जग में नाम।।
होगा जग में नाम, लक्ष्य पाना जो ठानो।
हर बाधा स्वयमेव, मिटेगी सच यह मानो।।
गिरि-सरि आयें राह , चुभें या काँटें पग में।
लक्ष्य प्राप्त कर मान, बढ़ाओ अपना जग में।।2।।

रचना-रामबली गुप्ता

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 740

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on December 17, 2017 at 6:44pm
Waaaaaaaah shaaaaàndar sir
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 16, 2017 at 8:51pm

उत्तम कुण्डलिया आदरणीय..

Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 16, 2017 at 11:25am

बहुत सुन्दर कुण्डलिया , बधाई आ रामबली जी 

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 14, 2017 at 8:43pm

आदरणीय रामबली गुप्ता जी, सादर नमस्कार, इस सुंदर रचना हेतु आपको कोटिशः बधाइयाॅ।

Comment by Samar kabeer on December 14, 2017 at 5:30pm

जनाब रामबली गुप्ता जी आदाब,सुंदर कुण्डलिया छन्द के लिए बधाई स्वीकार करें ।

Comment by vijay nikore on December 14, 2017 at 4:25pm

 सुंदर कुण्डलियाँ, हार्दिक बधाई, आ० रामबली जी।

Comment by नाथ सोनांचली on December 14, 2017 at 8:41am

आद0 रामबली जी सादर अभिवादन।बेहतरीन कुण्डलिया लिखीं आपने,बहुत बहुत बधाई प्रेषित है। सादर

Comment by रामबली गुप्ता on December 14, 2017 at 3:07am

धन्यवाद राणा जी

Comment by रामबली गुप्ता on December 14, 2017 at 3:07am

हृदय से आभार पवन जी

Comment by रामबली गुप्ता on December 14, 2017 at 3:06am

आद0 आरिफ़ जी सादर धन्यवाद

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
yesterday
Admin posted discussions
Tuesday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 175

 आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ

   जिस-जिस की सामर्थ्य रही है धौंस उसी की एक सदा से  एक कहावत रही चलन में भैंस उसीकी जिसकी लाठी…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
Tuesday
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय जी सादर प्रणाम -  अद्भुत सृजन - हृदय तटों को छूती गहन भावों की अभिव्यक्ति ने अहसासों की…"
Tuesday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"प्रिय अशोक कुमार जी,रचना को मान देने के लिए हार्दिक आभार। -- विजय"
Monday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सौरभ जी। आपने सही कहा.. मेरा यहाँ आना कठिन हो गया था।       …"
Monday
vijay nikore commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"प्रिय सौरभ भाई, नमस्ते।आपका यह नवगीत अनोल्हा है। कई बार पढ़ा, निहित भावना को मन में गहरे उतारा।…"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service