For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल..रात भर-बृजेश कुमार 'ब्रज'

मुतदारिक सालिम मुसम्मन बहर
212 212 212 212
आँख आँसू बहाती रही रात भर

दर्द का गीत गाती रही रात भर

आसमां के तले भाव जलते रहे
बेबसी खिलखिलाती रही रात भर

बाम पे चाँदनी थरथराने लगी
हर ख़ुशी चोट खाती रही रात भर

रूह के ज़ख्म भी आह भरने लगे
आरजू छटपटाती रही रात भर

प्यार की राह में लड़खड़ाये कदम
आशकी कसमसाती रही रात भर

आह भरते हुये राह तकते रहे
राह भी मुँह चिढ़ाती रही रात भर
(मौलिक एवं अप्रकाशित)
बृजेश कुमार 'ब्रज'

Views: 285

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 11, 2018 at 10:40am

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय महाजन जी..

Comment by Harash Mahajan on February 23, 2018 at 3:28pm

वाह खूबसूरत अहसास ।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 18, 2018 at 7:13pm

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीया अनीता जी..

Comment by Anita Maurya on February 17, 2018 at 7:23am

वाह, खूबसूरत ग़ज़ल

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 13, 2018 at 12:45pm

हार्दिक अभिनन्दन है आदरणीय नीरज मिश्रा जी..

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 13, 2018 at 12:44pm

बहुत बहुत आभार आदरणीय सतविंद्र जी..सादर

Comment by Neeraj Mishra "प्रेम" on February 13, 2018 at 9:42am

क्या बात है कोई जवाब नही बहुत ही उम्दा

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on February 9, 2018 at 8:40pm

उम्दा अशआर कहे हैं,बधाई आदरणीय

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 9, 2018 at 7:58pm

रचना पटल पे आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं आभार आदरणीय पंकज जी..

Comment by Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" on February 8, 2018 at 4:14pm

बहुत खूब, आदरणीय

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"जनाब मो.आरिफ जी - बेशक मानसून आ चुका । लेकिन अभी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। पूरे वर्ष भर के लिये…"
3 hours ago
Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"जनाब मो.आरिफ जी - बेशक मानसून आ चुका । लेकिन अभी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। पूरे वर्ष भर के लिये…"
3 hours ago
babitagupta commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रिलेशनशिप (लघुकथा)
"दुनियां के तानों से व ओरो से अपनी सुरक्षा के लिए वेबशी में बनाए रिश्ते पर समाज की छींटा कशी तो होती…"
5 hours ago
Mohammed Arif commented on somesh kumar's blog post खोयी कहानी
"सोमेश जी आदाब,             अतीत स्मृतियों की डायरी को टटोलने की तलाश…"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"आदरणीया अर्पणा शर्मा जी आदाब,                    …"
6 hours ago
Arpana Sharma commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रिलेशनशिप (लघुकथा)
"एक भारतीय पतिव्रता स्त्री का गहन समर्पण और समाज के लांछनो,परिवार के तानों से बचने विवशता में अपनाया…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post जनता जस-की-तस! (छंदमुक्त/अतुकांत कविता)
"आ. भाई शेख शहजाद जी, अच्छी रचना हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
7 hours ago
Ajay Singh updated their profile
9 hours ago
Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post नीरज जी को श्रृद्धाजंली - अर्पणा शर्मा भोपाल
"आदरणीया जनाब समर कबीर जी,बबीता जी, उस्मानी जी, तेजवीर जी  - मेरी यह नन्ही सी कविता  तो…"
11 hours ago
Arpana Sharma commented on Arpana Sharma's blog post "धरा की पाती"/ कविता-अर्पणा शर्मा, भोपाल
"आदरणीया जनाब समय कबीर जी, जनाब उस्मानी जी, नरेन्द्र जी एवं बीता-  आप सभी के सह्रदय प्रोत्साहन…"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ. नवीन भाई, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post सम्मान - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।"
12 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service