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आँखों में आप काज़ल जरा कम लगाइए

....................ऑंखें...........................

आँखों में आप काज़ल जरा कम लगाइए.

तारीकियों को इनकी न इतना बढाइए.

हिन्दोस्तां की दुनिया रोशन इन्हीं से है.

अँधेरों से आज इसको वल्लाह बचाइए.

गंगा धर शर्मा 'हिन्दुस्तान'

अजमेर (राज.)

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 1, 2018 at 8:56pm

★★☆★

Comment by Samar kabeer on February 28, 2018 at 9:18pm

"आँखों में आप इतना न काजल लगाइये

तारीकियों को और न ऐसे बढ़ाइये

हिन्दोस्तां की दुनिया तो रोशन इन्हीं से है

वल्लाह इन अँधेरों से इसको बचाइये"

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