For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक गीत/ सतविंद्र कुमार राणा

यह वर्ष नया मंगलमय हो

कोंपल फूटी है तरुवर पर
नव पल्लव का निर्माण हुआ
टेसू की लाली उभरी है
पुलकित हर तन, हर प्राण हुआ

हर मन से बाहर हर भय हो
यह वर्ष नया मंगलमय हो।

गेंहूँ बाली पूरी होकर
अब लहर लहर लहराती है
सरसों पर पीला रंग चढ़ा
भवरों को यह ललचाती है

भँवरों के गीतों-सी लय हो
यह वर्ष नया मंगलमय हो।

जाड़े को विदा किया हमने
गर्मी को दिया बुलावा है
हर चीज नई-सी लगती है
जब साल नया यह आया है

स्वागत करना इसका तय हो
यह वर्ष नया मंगलमय हो

नवरात्र शुरू अब होते हैं
नव दुर्गा का सब ध्यान करें
भारत के घर-घर में सब यूँ
जननी का हाँ सम्मान करें

जननी जन्म भूमि की जय हो
यह वर्ष नया मंगलमय हो।

मौलिक अप्रकाशित

Views: 122

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 22, 2018 at 6:59pm

आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब हौंसलाफ़ज़ाई के लिए तहेदिल शुक्रया

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 22, 2018 at 6:57pm

आदरणीय अग्रजश्री शेख़ शहज़ाद जी उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार नमन

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 22, 2018 at 6:56pm

आदरणीया प्रतिभा दीदी उत्साहवर्द्धन के लिए सादर आभार नमन

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 22, 2018 at 6:56pm

आदरणीय समरकबीर साहब सादर नमन,सादर हार्दिक आभार उत्साहवर्धन के लिए

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 22, 2018 at 6:55pm

आदरणीय मुहम्मद आरिफ जी,सादर वन्दन अनुमोदन एवं प्रोत्साहन के लिए सादर हार्दिक आभार

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on March 19, 2018 at 7:45pm

जनाब सतविंद्र कुमार साहिब ,नव वर्ष पर सुन्दर गीत लिखा है आपने ,मुबारक बाद क़ुबूल फरमायें।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on March 19, 2018 at 6:07am

फूटी नव कोंपल से जननी जन्मभूमि की जय तक शुभकामनाएं सम्प्रेषित करते बढ़िया गीत के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब सतविंद्र कुमार राणा साहिब।‌‌‌‌ आप सभी को नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

Comment by pratibha pande on March 18, 2018 at 8:06pm

नववर्ष के आगमन पर सुन्दर प्रवाहमय गीत ..हार्दिक बधाई आदरणीय सतविंदर जी 

Comment by Samar kabeer on March 18, 2018 at 6:15pm

जनाब सतविन्द्र कुमार जी आदाब,नववर्ष के आगमन पर अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

आपको नववर्ष की बधाई ।

Comment by Mohammed Arif on March 18, 2018 at 5:22pm

आदरणीय सतविंद्र जी आदाब,

                          बहुत ही सुंदर गीत की रचना । नव वर्ष के आगमन का बेहतरीन और लाजवाब चित्रण । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

नोट:- ब्लॉग पोस्ट पर प्रतीक्षारत साहित्य की विभिन्न विधाओं की रचनाओं को भी अपनी अमूल्य टिप्पणियों से पोषित करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर सर सादर नमन और आभार । उसे है खास ज़रूरत .......भाव कुछ इस तरह लिया है मैंने  बात सलाम…"
12 minutes ago
दिगंबर नासवा posted a blog post

गज़ल - दिगंबर नासवा

मखमली से फूल नाज़ुक पत्तियों को रख दियाशाम होते ही चोबारे पर दियों को रख दिया लौट के आया तो टूटी…See More
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

कुछ हाइकु (23 जनवरी तिथि पर)

कुछ हाइकु :1-तेजस्वी नेताख़ून दो, आज़ादी लोसदी-आह्वान2-नेताजी बोसतेईस जनवरीक्रांति उद्भव3-सच्चाई,…See More
1 hour ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल मनोज अहसास
"बहुत बहुत आभार आदरणीय समर कबीर साहब निश्चित ही ग़ज़ल थोड़ा जल्दबाज़ी में पोस्ट हो गई आपके होने से थोड़ी…"
1 hour ago
Profile IconNitish Kumar Soni and Prashant Saahil Mishra joined Open Books Online
3 hours ago
Samar kabeer commented on rajesh kumari's blog post एक रदीफ़ पर दो ग़ज़लें "छत पर " (गज़ल राज )
"बहना राजेश कुमारी जी आदाब,दोनों ग़ज़लें अच्छी  हुई हैं,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ…"
12 hours ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन लगता है जल्द बाज़ी में पोस्ट की है,बधाई स्वीकार…"
12 hours ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post झूठ फैलाते हैं अक़्सर जो तक़ारीर के साथ (१५)
"आप दोनों की महब्बत के लिए शुक्रगुज़ार हूँ"
12 hours ago
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'उसे है ख़ास…"
12 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तीन क्षणिकाएं :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

गद्दार बन गये जो ढब आदर किया गया - गजल

२२१/२१२१/ २२२/१२१२ पाषाण पूजने को जब अन्दर किया गया हर एक देवता को तब पत्थर किया गया।१। उनके…See More
13 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'गठरी, छतरियां और वह' (लघुकथा)
"आदाब। बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब इस हौसला अफ़ज़ाई हेतु।"
15 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service