For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लघुकथा--कठपुतली

एक राजनेता से पूछा -" आप तीखी बयानबाज़ी या शोला बयानी क्यों करते हैं ? इससे दूसरे वर्गों की भावनाएँ आहत है । देश का माहौल ख़राब होता है । अपनी ज़बान पर थोड़ा ताला क्यों नहीं लगाते ?"
राजनेता -" ज़बान पर ताला या नियंत्रण नहीं लगा सकता । मेरे हाथों में नहीं है ।"
मैंने पलटवार करते हुए पूछा -" फिर किसके हाथों में है ?"
" पार्टी आला कमान के ।" कुतिलता से मुस्कुराते हुए चल दिए ।

मौलिक एवं अप्रकाशित। ।

Views: 853

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mohammed Arif on March 25, 2018 at 10:32am

बहुत-बहुत दिली आभार आदरणीय अजय तिवारी जी । लेखन सार्थक हो गया ।

Comment by Ajay Tiwari on March 25, 2018 at 10:16am

आदरणीय आरिफ साहब,  प्रभावी व्यंग और एक बेहतर लघु- कथा!  हार्दिक बधाई.  

Comment by Mohammed Arif on March 24, 2018 at 3:08pm

रचना के अनुमोदन और हौसला अफज़ाई का बहुत-बहुत आभार आदरणीया नीता कसार जी ।

Comment by Nita Kasar on March 24, 2018 at 2:54pm

व्यंग्यपूर्ण कथा,नेताओं पर आधारित कथा के लिये बधाई आद० मोहम्मद आरिफ़ जी ।वे हाईकमान के इशारों पर नाचते है ।

Comment by Mohammed Arif on March 23, 2018 at 8:06am

लघुकथा पर अपना अमूल्य समय , सांगो-पांगत्र विवेचनत्र, व्यापक दृष्टिकोण और उत्साहवर्धन टिप्पणी का बहुत-बहुत हार्दिक आभार आदरणीय रवि प्रभाकर साहब ।

Comment by Ravi Prabhakar on March 22, 2018 at 10:14pm

वाह ! बहुत ही तीक्ष्‍ण व्‍यंग्‍य कसा है । दरअसल यहॉं व्‍यंग्‍य 'द्वि शरीरी' परिलक्षित हो रहा है । जिसकी उपरी तह में हल्‍का सा हास्‍य उत्‍पन्‍न हो रहा है जबकि दूसरा प्रभावात्‍मक रूप /  " पार्टी आला कमान के ।"/ में पहले स्‍तर को बाण जैसे भेदता हुआ अंदर तक घुस कर एक गहरा घाव दे रहा है । व्‍यंग्‍य का सटीक व पैनापन इस लघुकथा को श्रेष्‍ठ लघुकथायों की श्रेणी में खड़ा कर रहा है । मेरे द्वारा पढ़ी यह आपकी सर्वश्रेष्‍ठ लघुकथा है । नख से शिख तक प्रभावशाली प्रस्‍तुत लघुकथा का शीर्षक इसके प्रभाव को द्वविगुणित कर रहा है । या यूँ कहूं कि इस लघुकथा का शीर्षक इससे बेहतर हो ही नहीं सकता था तो कोई अतिश्‍योक्‍ति नहीं होगी । मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं निवेदित हैं। सादर

Comment by Mohammed Arif on March 22, 2018 at 4:31pm

हृदयतल से आभार आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी । लेखन सार्थक हो गया ।

Comment by नाथ सोनांचली on March 22, 2018 at 3:01pm

आद0 मोहम्मद आरिफ जी सादर अभिवादन। बढिया कटाक्ष किया है आज के परिवेश की राजनीति पर। इस उम्दा प्रस्तुति पर बधाई

Comment by Mohammed Arif on March 22, 2018 at 12:34pm

यह सब आपकी दुआओं और ओबीओ परिवार का नतीजा है । मैं किन लफ्ज़ों में आपका शुक्रिया अदा करूँ मेरे पास तो लफ्ज़ ही नहीं है । दिल की अथाह गहराइयों से बहुत-बहुत शुक्रिया आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।

Comment by Samar kabeer on March 22, 2018 at 11:48am

जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,कितना उम्दा तंज़ किया है आपने इस लघुकथा के माध्यम से,बहुत बहतरीन प्रस्तुति,इसके लिए दिल से बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
6 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
6 hours ago
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service