For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पञ्चचामर छंद ( ज र ज र ज गा )

निशुंभ शुम्भ मर्दिनी , जया त्रिकूट वासिनी |

शिवा प्रिया महातपा , सुधीर माँ सुहासिनी ||

विराट भाल दिव्य शक्ति मुंडमाल धारिणी |

कृपालु दृष्टि भाविनी नमामि लोक तारिणी ||

विशाल भाल चंद्रिका सुदीर्घ नेत्र शान हैं |

कृपालु मातु शीश केश यामिनी समान हैं ||

कपोल हैं भरे -भरे व होंठ लाल –लाल हैं |

विराट रूप देख मातु भक्त भी निहाल हैं ||

विशाल रक्तबीज अंत मातु तेग से किया |

विनाश चंड मुंड का प्रचंड वेग से किया ||

तजे अहं मनुष्य माँ कृपालु दृष्टि डाल दे |

विवेकशील तू हमें विकारहीन भाल दे ||

मौलिक व अप्रकाशित.

Views: 413

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on March 23, 2018 at 10:09am

सुंदर भक्ति रचना, जय माँ शारदे 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on March 23, 2018 at 6:41am

समय के अनुसार बहुत बढ़िया उम्दा सृजन। हार्दिक बधाई आदरणीया अनामिका सिंह

''अना' जी।

Comment by Mohammed Arif on March 22, 2018 at 4:36pm

आदरणीया अनामिका जी आदाब,

                          शारदीय नवरात्र को लक्ष्य में रखकर बेहतरीन छंदों की रचना। सरलतम शब्दों का प्रयोग भी किया जा सकता था । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Samar kabeer on March 22, 2018 at 3:10pm

मोहतरमा अनामिका सिंह 'अना' जी आदाब,बहुत अच्छे छन्द लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी, आपको इस रचना पर बधाई और महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।"
8 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय राजेश कुमारी जी, आदाब। आपको इस सुन्दर रचना पर मुबारक़बाद पेश करता हूँ। "शोले ही शोले…"
13 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय अजय भाई, ग़ज़ल तक आने के लिए और आपकी दाद के लिए मैं आपका तह-ए-दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।"
18 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय लक्ष्मण भाई, अगर आपने ये ग़ज़ल इतने कम वक़्त में लिखी है तो आप दोगुनी दाद के हक़दार हैं, सादर"
19 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"आदरणीय लक्ष्मण भाई, आपकी मुबारक़बाद और बधाई का तह-ए-दिल से शुक्रिया। सादर"
39 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"2122, 2122, 2122, 212 तेरे हर इक वादे को सच्चा समझ बैठे थे हमयानी तुझको अपने ही जैसा समझ बैठे थे…"
39 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"अच्छी कौशिश हुई जनाब नवीन मणि जी। समर जी की सलाह का संज्ञान अवश्य लेंगें आप, यह विश्वास है"
41 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"ग़ज़ल की अच्छी कौशिश हुई है मनीष जी। शुभकामनाएं"
42 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"बेहतरीन अशआर हुए राजेश जी। बहुत बहुत दाद"
43 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"अच्छे शेर निकाले हैं आपने भाई मनन जी"
45 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"ग़ज़ल की अच्छी कौशिश हुई लक्ष्मण जी"
46 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-116
"अच्छी ग़ज़ल हुई है तसदीक़ जी"
47 minutes ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service