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'ओबीओ की आठवीं सालगिरह का तुहफ़ा'

फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन

मेरी सारी वफ़ा ओबीओ के लिये
काम करता सदा ओबीओ के लिये


दिल यही चाहता है मेरा दोस्तो
जान करदूँ फ़िदा ओबीओ के लिये


आठ क्या,आठ सो साल क़ाइम रहे
है यही इक दुआ ओबीओ के लिये

मेरे दिल में कई साल से दोस्तो
जल रहा इक दिया ओबीओ के लिये

सुब्ह से शाम तक,शाम से सुब्ह तक
इज़्न सबको दिया ओबीओ के लिये


वक़्त थोड़ा सा यारो निकाला करो
है मेरी इल्तिजा ओबीओ के लिये


दोस्तो ग़ौर करना मेरी बात पर
मैंने सब कह दिया ओबीओ के लिये


ऐसा महसूस होता है रब ने "समर"
मुझको पैदा किया ओबीओ के लिये


'समर कबीर'
मौलिक/अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on May 9, 2018 at 10:10am

बहना राजेश कुमारी जी आदाब,आपकी कमी महसूस हो रही थी लेकिन आप गाँव में परिवार के साथ वहाँ की ज़िंदगी का लुत्फ़ उठा रही थीं ।

ग़ज़ल आपको पसंद आई लिखना सार्थक हुआ,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 8, 2018 at 8:51pm

मेरे दिल में कई साल से दोस्तो
जल रहा इक दिया ओबीओ के लिये

वाह्ह्ह्ह वाह्ह्ह्ह आदरणीय समर भाई जी ओबीओ को समर्पित बेहतरीन ग़ज़ल हुई 

दिल से ढेरों बधाई 

अत्यधिक व्यस्तता के बाद बहुत दिनों के बाद ओबीओ पर आई हूँ अब संभवतः सक्रीय रहूंगी 

Comment by Samar kabeer on May 7, 2018 at 6:10pm

जनाब रवि शुक्ला जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया । ओबीओ ज़िंदाबाद ।

Comment by Ravi Shukla on May 7, 2018 at 5:47pm

आदरणीय समर साहब ओ बी ओ को दिया गया आपका तोहफा निहायत ही उम्दा और पुरखुलूस है । आपकी कलम और ओ बी ओ के प्रति समर्पण को नमस्कार 

Comment by Samar kabeer on April 9, 2018 at 5:42pm

जनाब अजय गुप्ता जी आदाब, सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by अजय गुप्ता 'अजेय on April 9, 2018 at 4:58pm

वाह सर। बहुत खूबसूरत और दिलकश ग़ज़ल।

Comment by Samar kabeer on April 9, 2018 at 11:09am

जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब, ग़ज़ल में शिर्कत के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया । ओबीओ ज़िंदाबाद ।

Comment by नाथ सोनांचली on April 9, 2018 at 4:50am

आद0 आली जनाब समर साहब सादर प्रणाम। ओ बी ओ को समर्पित इस ग़ज़ल से पूरा मंच अपने आप को जोड़ रहा है। ओ बी ओ परिवार गौरवान्वित हुआ है इन पंक्तियों से।  ओ बी ओ के लिए आपकी लगन और समर्पण अनुकरणीय और अत्यंत सराहनीय है। मेरी आपको कोटिश शुभकामनाएं और बधाइयाँ निवेदित है। ओ बी ओ जिंदाबाद

Comment by Samar kabeer on April 5, 2018 at 11:01am

जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by surender insan on April 5, 2018 at 8:43am

वाह वाह वाह वाह वाह लाजवाब

जिंदाबाद जिंदाबाद

सादर नमन जी।

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