For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कहाँ खो गया??????[कविता]

कच्ची उम्र थी,कच्चा रास्ता,

पर पक्की दोस्ती थी,पक्के हम,

उम्मीदों का,सपनों का कारवां साथ लेकर चलते,

स्वयं पर भरोसा कर,कदम आगे बढाते,

कर्म भूमि हो या जन्म भूमि,हमारी पाठशाला होती,

काल,क्या??किसी व्यतीत क्षणों का पुलिंदा मात्र नही,

बल्कि इसमे हर वो घटना होती,जिसके हमारी  भागीदारी होती,

बेलगाम तेज भागती ,जिन्दगी की रफ्तार में,

लगाम खिंच गई,शहरी आपा-धापी में,

धरती की नींव में अपनी रूढ़ जमायें,

जिसमे हैं मेरा अतीत समाया,

जानता,समझता सब,फिर भी मैं अविराम चलता,

दिन-रात समय की चक्की में पाटों में पिस्ता जाता,

उफ़!!!!!कहाँ खो गया?????,मेरा 'सुकोमल पुष्पों-सा जीवन'.

रचना मौलिक व अप्रकाशित हैं.

बबीता गुप्ता 

Views: 269

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by babitagupta on May 6, 2018 at 8:14pm

आप सभी का सधन्यवाद.

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on May 6, 2018 at 3:03pm

वाह सुन्दर कविता..

Comment by vijay nikore on May 6, 2018 at 11:47am

अच्छी रचना के लिए बधाई

Comment by Mohit mishra (mukt) on May 5, 2018 at 9:03pm

अच्छी कविता आदरणीय , बधाई। प्रयासरत रहिये

Comment by babitagupta on May 5, 2018 at 4:43pm

सधन्यवाद,आदरणीय समर सर.

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 11:22am

मोहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब,बहुत अच्छी लगी आपकी कविता,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by babitagupta on May 4, 2018 at 6:21pm

रचना की सराहना करने के लिए आप सभी का सधन्यवाद.

Comment by Sushil Sarna on May 4, 2018 at 4:01pm

उफ़!!!!!कहाँ खो गया?????,मेरा 'सुकोमल पुष्पों-सा जीवन'.
अति सुंदर भावों का सम्प्रेषण .... हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीया बबितगुप्ता जी।

Comment by Shyam Narain Verma on May 4, 2018 at 2:48pm
इस सुंदर प्रस्तुति के लिए तहे दिल बधाई सादर
Comment by Harash Mahajan on May 4, 2018 at 2:20pm

सुंदर भाव आदरणीय बबिता गुप्ता जी |

"

कच्ची उम्र थी,कच्चा रास्ता,

पर पक्की दोस्ती थी,पक्के हम,"

बहुत खूब !!

सादर !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

रवि भसीन 'शाहिद' commented on सालिक गणवीर's blog post रस्ते की बात है न ये रहबर की बात है...(ग़ज़ल-सालिक गणवीर)
"आदरणीय सालिक गणवीर साहिब, लाजवाब ग़ज़ल हुई है जनाब, बधाई स्वीकार करें। तीसरे और चौथे…"
21 minutes ago
सालिक गणवीर commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मेरे ही प्यार में पगी आई. - ग़ज़ल
"भाई बसंत कुमार शर्मा जी सादर अभिवादन उम्दा ग़ज़ल कही है आपने जनाब,दाद और मुबारकबाद स्वीकार करें."
35 minutes ago
सालिक गणवीर commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post है जो कुछ भी धरती का - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' ( गजल)
"भाई लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन सुंदर ग़ज़ल पाठकों तक पहुँचाने के लिए हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें."
38 minutes ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"आदरणीया Madhu Passi 'महक' साहिबा, ग़ज़ल तक आने के लिए और प्रोत्साहित करने के लिए…"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"आदरणीय सालिक गणवीर साहिब, आपकी नवाज़िश और हौसला-अफ़ज़ाई के लिए बेहद शुक्रगुज़ार हूँ जनाब, और…"
3 hours ago
Madhu Passi 'महक' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post है जो कुछ भी धरती का - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' ( गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी नमस्कार! बहुत ही सुंदर ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद।"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, आदाब अर्ज़ है! इस नाचीज़ की ग़ज़ल को अपनी…"
3 hours ago
Madhu Passi 'महक' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मेरे ही प्यार में पगी आई. - ग़ज़ल
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा जी सादर नमस्कार! ग़ज़ल बहुत ही अच्छी हुई, इसके लिए बधाई स्वीकार करें।"
3 hours ago
Madhu Passi 'महक' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"रवि भसीन'शाहिद' जी नमस्कार! बहुत ही सुंदर ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"आदरनीय आशीष यादव साहिब, हौसला बढ़ाने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिय:!"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post एक नया दस्तूर (ग़ज़ल - शाहिद फिरोज़पुरी)
"आदरणीय Shyam Narain Verma जी, सादर नमन। आपकी कृपा और प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार…"
3 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post उनके ख़्वाबों पे ख़यालात पे रोना आया.(ग़ज़ल : सालिक गणवीर)
"भाई ब्रजेश कुमार 'ब्रज' जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी आमद और सराहना के लिए हृदयतल से आभार…"
6 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service