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कुछ उलटा , कुछ सीधा -- डॉo विजय शंकर

अच्छाइयों के लिए फ़िकर क्यों करें
बुराइयों में बड़ा मजा आता है ||

भजन भगवान के करम शैतान के
कर के देखो बड़ा मजा आता है ||

सीधी बातें छोडो, गलतफहमियां
पालो, देखो,बड़ा मजा आता है ||

सच है, पर उपदेश कुशल बहुतेरे,
राजनीति है ,बड़ा मजा आता है ||

सबसे लड़ लेते हो, इक बार लड़ो ,
खुद से, देखो, बड़ा मजा आता है ||

झूठ सौ बोलते हो , एक बार सच
बोलो, देखो,बड़ा मजा आता है ||

मौलिक एवं अप्रकाशित
डॉo विजय शंकर

Views: 593

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Comment by Dr. Vijai Shanker on April 28, 2015 at 8:38pm
आपको रचना पसंद आई , आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय राजकुमार आहूजा जी , आपकी सद्भावनाओं के लिए ह्रदय से धन्यवाद , सादर।
Comment by rajkumarahuja on April 28, 2015 at 5:47pm

बेशक सौ झूठ बोले हों,

मगर एक

सच बोल कर देखो,

बड़ा मज़ा आता है !

 ( भावपूर्ण पंक्तियाँ , बहुत सुन्दर माननीय डा. विजय शंकर जी, साधुवाद )  

Comment by Dr. Vijai Shanker on April 28, 2015 at 5:34pm
प्रिय कृष्ण मिश्रा जी , आपको रचना अच्छी लगी , बहुत अच्छा लगा आभार, बधाई के लिए ह्रदय से धन्यवाद , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on April 28, 2015 at 5:32pm
आदरणीय गिरिराज भंडारी जी , आपको रचना अच्छी लगी , रचना को अनुमोदन मिला , आभार, बधाई के लिए ह्रदय से धन्यवाद , सादर।
Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on April 28, 2015 at 2:11pm
सुन्दर रचना पर बधाई आ० Dr. Vijai Shanker सर!

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 28, 2015 at 12:04pm

आदरणीय विजय भाई , बहुत सार्थक द्विपदियों की रचना की है आपने , गज़ल के भी बहुत करीब है आपकी रचना ॥ हाद्रिक बधाइयाँ कुबूल करें आदरणीय ॥

Comment by Dr. Vijai Shanker on April 28, 2015 at 11:11am
आदरणीय नीलेश शेवगांवकर जी रचना को स्वीकृति प्रदान करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार और बधाई के लिए धन्यवाद। सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on April 28, 2015 at 11:09am
आदरणीय मोहन सेठी जी रचना को स्वीकार करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार और बधाई के लिए धन्यवाद। सादर।
Comment by Nilesh Shevgaonkar on April 28, 2015 at 8:56am

बहुत अच्छे आदरणीय.... 
दो पद में कही बाते हैं..रदीफ़ भी निभाया है ..ग़ज़ल की ओर बढ़ने पर बधाई 
सादर 

Comment by Mohan Sethi 'इंतज़ार' on April 28, 2015 at 7:46am

वाह वाह ...आज तो ..."मजा आता है" ......बहुत रोचक और भावपूर्ण  ...बधाई 

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