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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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आदरनीया राजेश जी , आपका बहुत शुक्रिया

 बहुत बहुत बधाई आपको श्री गिर्रिराज भंडारी जी,श्री अरुण कुमार निगम जी, श्री अभिनव अरुण जी 

आदरणीय गिरिराज भाई जी बहुत बहुत बधाई 

आदरनीय सत्य नारायण भाई , आपका हृदय से आभार ।

इस समारोह की कामयाबी के साथ-साथ आप सभी की कृतियाँ पाठकों के दिलों में बसें. 

हार्दिक शुभकामनाएँ 

आदरणीय सौरभ भाई , आपका हृदय से आभार ।

बहुत बहुत बधाई आ गिरिराज सर ।

आदरणीया कल्प्ना जी आपका हार्दिक आभार

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी को बहुत बहुत बधाई 

आदरणीय शिज्जु भाई , आपका बहुत शुक्रिया ।

जनाब गिरिराज भंडारी जी आदाब,ग़ज़ल संग्रह के प्रकाशन और विमोचन के लिये दिल से मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

आदरणीय समर भाई , आपका हार्दिक आभार ।

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