आदरणीय साथिओ,
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बहुत ही नया कथानक लेकर एक उम्दा लघुकथा रची है भाई चंद्रेश जी, वाह. हार्दिक बधाई प्रेषित है. मैं भाई महेंद्र कुमार की बात से सहमत हूँ, इस रचना के शार्षक पर दोबारा गौर फरमाएं.
सादर नमन आदरणीय योगराज प्रभाकर जी सर, आपके आशीर्वाद हेतु आभारी हूँ, शीर्षक पर और विचार करता हूँ|
रचना को पसंद कर टिप्पणी करने हेतु सादर आभार आदरणीय ओमप्रकाश क्षत्रिय जी सर
हार्दिक बधाई आदरणीय शिखा तिवारी जी। बेहतरीन लघुकथा।
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