साथियों,
विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही है । विगत दिनों एक अनौपचारिक बातचीत के क्रम में आदरणीय तिलक राज कपूर जी का सुझाव आया कि क्यों न सभी चारों लाइव आयोजनों को माह के प्रथम सप्ताह में लगा दी जाय और एक साथ पूरे माह के लिए लाइव कर दिया जाय, जिससे सदस्यों की सहभागिता बढ़ सकेगी ।
मित्रों, इस विषय पर आप सभी अपना मंतव्य, नवीन विचार रखें ताकि कुछ बेहतर किया जा सके ।
सादर
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सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार,
एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की पात्र है।
मेरे विचार में सुझाव उत्तम है कि सभी आयोजन एकसाथ खोल दिए जाएँ। किंतु एक महीने का समय बहुत अधिक होता है और यह प्रविष्टियाँ आमंत्रित करने की अपेक्षा लापरवाही का कारण न बन जाये, देखना होगा। किंतु यह भी है कि रचनाकार का अपना रचनाक्रम इस व्यवस्था से बाधित नहीं होगा और अपनी सुविधा से वो किसी भी आयोजन में सम्मिलित हो सकता है।
दूसरा, प्रविष्टियाँ आने और उनपर प्रतिक्रिया व्यक्त करने का अलग-अलग समय निर्धारित हो तो उत्तम।
एक और बात मैं रखना चाहूँगा कि इस मंच का उद्देश्य केवल रचनाकर्म नहीं है, अपितु नया सीखना भी है। नए छंद, नई विधाएँ, नई बहर यदि सीखने को न मिलें तो उत्साह क्षीण होने लगता है।
आशा है प्रबंधन समिति के प्रयास सफल होंगें और मंच पर पुनः बसंत आयेगा।
सादर
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार।
आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा दिया गया सुझाव अत्यंत सामयिक और व्यावहारिक है। वर्तमान में सदस्यों की घटती भागीदारी को देखते हुए आयोजनों के स्वरूप में परिवर्तन करना आवश्यक प्रतीत होता है। कपूर सर के प्रस्ताव और उस पर हुए विमर्श के आधार पर मेरी ओर से कुछ बिंदु इस प्रकार हैं-
1. महीने के प्रथम सप्ताह में आयोजन की घोषणा और 14 तारीख से माह के अंत तक यदि आयोजन को रचना और कमेन्ट पोस्ट करने हेतु खोला जाता है तो सदस्यों को भागीदारी में सहजता और उनकी उपस्थिति में वृद्धि होगी।
2. वर्तमान में शनिवार और रविवार को आयोजन होने से पारिवारिक और सामाजिक व्यस्तताओं के कारण कई सदस्य चाहकर भी भाग नहीं ले पाते। प्रस्तावित योजना में आयोजन को 14 तारीख से महीने के अंत तक खुला रखने से कार्यदिवसों का भी लाभ मिलेगा, जिससे सदस्य अपनी सुविधानुसार समय निकाल सकेंगे।
3. महीने के प्रथम सप्ताह में घोषणा और 14 तारीख से आयोजन खुलने के बीच जो 7 दिनों से अधिक का अंतराल मिलेगा, वह रचनाकारों को रचनाकर्म और परिमार्जन के लिए पर्याप्त समय देगा। इससे रचनाओं की गुणवत्ता में भी निश्चित रूप से सुधार होगा।
4. जब चारों आयोजन एक साथ 15 दिनों के लिए लाइव होंगे, तो ओबीओ पर एक साहित्यिक कुंभ जैसा वातावरण बनेगा। इससे न केवल रचनाओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आपसी चर्चा और समालोचना हेतु अधिक समय मिलेगा जिससे इनका स्तर भी बेहतर होगा।
अतः मेरा मंतव्य है कि इस नवीन प्रयोग को आगामी माह से लागू किया जा सकता है।
सादर।
सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और शुभकामनाएं।
मेरा विचार है कि दस-दस दिन के लिए प्रत्येक आयोजन हेतु एक अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार को अतिथि मंच-संचालन का दायित्व दिया जा सकता है, जिससे किसी एक पर मासिक दायित्व न रहे और संचालन और टिप्पणियों में विविधता आती रहे। एक माह अवधि यदि अधिक हो, तो पखवाड़े अनुसार आयोजनों का प्रयोग कर साप्ताहिक संचालन दायित्व सौंपे जा सकते हैं वरिष्ठ अतिथि साहित्यकार को। सोशल मीडिया पर समूहों पर अग्रिम सूचनायें जारी की जा सकती हैं। नये उभरते लेखकों और कवियों को आमंत्रित किया जा सकता है सदस्यता हेतु। मन में अभी यही सुझाव आये, हो साझा किए। शुक्रिया।
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
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