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धार्मिक साहित्य Discussions (167)

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Discussions Replies Latest Activity

गरल गरल सुधा सुधा

सागर मंथन  सुर असुर में छिड़ी जंग  .............. मोहिनी रूप  धरा प्रभु ने  किया छल  ............. मस्त असुर देवों के अधर  दी सुधा  .......…

Started by Rekha Joshi

0 Jul 11, 2012

माँ रेवा (नर्मदा) स्तुति

माँ रेवा (नर्मदा) स्तुति विंध्य सुता गिरी विंध्य बहो तुम सुन्दर मोहक वंदित रेवा शब्द किलोलित धार लिए मृदु नीर प्रवाह तरंगित रेवा पाप नसावत…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

0 Jul 10, 2012

भगवान् भोलेनाथ के श्री चरणों में एक वंदना है मत्तगयन्द सवैया के रूप में

प्रथम सावन सोमवार पर भगवान् भोलेनाथ के श्री चरणों में एक वंदना है मत्तगयन्द सवैया के रूप में जिसमे सात भगण अंत में दो गुरु हैं २३ वर्ण है…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

0 Jul 9, 2012

सदस्य टीम प्रबंधन

हे परमेश्वर!

 हे परमेश्वर! (21-03-2012) हे परमेश्वर, हे सर्वेश्वर  सुन मेरे अन्तः क्रंदन स्वर.....   नेह तेरा बस प्यास मेरी है  आँखों से नदियाँ बहती हैं…

Started by Dr.Prachi Singh

1 Jul 4, 2012
Reply by Rekha Joshi

अद्वित्तीय देव गणेश

              अद्वित्तीय देव गणेश  जय गणेश देवा तेरी अद्भुत कहानी  दाये बाए रिद्धि सिद्धि दो दो रानी  कोई नहीं है देवलोक में तेरा सनी  कहा…

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

3 Jun 27, 2012
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

श्री गणेश आराधना

प्रथम पूज्य भगवान मेरीस्वीकार करो आराधना,बहुत हुए पाप मुझसेअब हो कोई अपराध ना| तुम ही जग को पालनेवालेपार्वती शंकर के दुलारे,जो आया शरण में…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

2 Jun 26, 2012
Reply by कुमार गौरव अजीतेन्दु

एक नूर से सब जग उपजे

एक नाम ,एक ओमकार ,एक ही ईश्वर और हम सब उस परमपिता की संतान है जिसने हमे इस दुनिया में मनुष्य चोला दे कर भेजा है और धर्म एक जीवन शैली का नाम…

Started by Rekha Joshi

2 Jun 25, 2012
Reply by Rekha Joshi

शारदे , शारदे, शारदे, शारदे

मुक्तक (२० मात्रा {४ "SIS " } ) शारदे , शारदे, शारदे, शारदे, भग्वती शारदे ,पर्वती शारदे दिव्य है शारदे ,भव्य है शारदे तू शिवानी शिवे, मात…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

1 Jun 23, 2012
Reply by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

तेरे चरणों की रज महान

तेरे चरणों की रज महान  ================= तेरे    चरणों    की रज महान, मैया   करती   जगत   कल्याण   महा   मूरख  और अज्ञानी तेरी    महिमा   म…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

4 Jun 23, 2012
Reply by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

१२ सदाशिव ज्योतिर्लिंगों का सक्षिप्त वर्णन

  १२   सदाशिव ज्योतिर्लिंगों का सक्षिप्त वर्णन कैलाश पर्वत पर भगवन शिव और पार्वती निवास करते है |इसलिए यह  अति पवित्र स्थान माना जाता है…

Started by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

0 Apr 21, 2012

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रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
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2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
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"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
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