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धार्मिक साहित्य Discussions (167)

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गोमाता की आराधना

जय जय गोमाता सुखसागर। जय देवी अमृत की गागर॥जीवनरस सरिता तुम दाता। तेरी महिमा गाएँ विधाता॥वेद-पुराणों ने गुण गाया। धर्म सनातन ने अपनाया॥दर…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

5 Jun 14, 2013
Reply by डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा

वृन्दावन यात्रा भाग 1.

दिल्ली से वृन्दावन की दूरी लगभग 139 किलोमीटर है, इसलिए परिवार संग सुविधा से जाने के लिए हमने एक ट्रैवलर बुक की ,जो ठीक 6.30 बजे सुबह पहुँच…

Started by Sarita Bhatia

2 Jun 6, 2013
Reply by Sarita Bhatia

वृन्दावन यात्रा भाग 4.

भाग 3. प्रेम मंदिर से मीठी यादो के संग निकल कर दोबारा ट्रैवलर की तरफ बढे समय काफी हो चुका था इसलिए जल्दी से अब 'वैष्णोदेवी मंदिर' जाने का…

Started by Sarita Bhatia

0 Jun 6, 2013

व्रत पर्वोत्सव- एक समीक्षा

व्रत  पर्वोत्सव -- एक समीक्षा  (भाग -1)   व्रत , पर्व और उत्सव हमारी लौकिक तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए सशक्त साधन हैं , इनके आन्न्दोल्लास…

Started by annapurna bajpai

10 Jun 5, 2013
Reply by annapurna bajpai

व्रत पर्वोत्सव एक समीक्षा (भाग- 2)

  व्रत पर्वोत्सव एक समीक्षा ( भाग – 2 )   व्रत का आध्यात्मिक अर्थ उन आचरणों से है जो शुद्ध सरल और सात्विक हों तथा उनका विशेष मनोयोग तथा निष…

Started by annapurna bajpai

0 Jun 4, 2013

भजन

भजन विशनु सी बंशी वाला, मुरली मनोहर लाला!बंशी ने हरा मेरा मान, कान्ह मैं तेरा गुलाम।। तान त्रिपुरारी सोहे, बम-बम-बम हर-हर बोले।आये कैलास स…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

2 May 28, 2013
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

वृन्दावन यात्रा भाग 3.

भाग 2. हम इस्कान मंदिर से कीर्तन का आनंद लेकर बाहर आ गए ,बाकि सब परिवार के सदस्य भी मिल गए जो हमारा इंतज़ार कर रहे थे ,अब सब प्रेम मंदिर क…

Started by Sarita Bhatia

0 May 25, 2013

वृन्दावन यात्रा भाग 2.

भाग 1. दोस्तो श्री बांके बिहारी मंदिर से बाहर आकर मंदिर देखने का सारा नशा काफूर हो चुका था इसलिए निधिवन जाने का प्रोग्राम रद्द कर दिया ,जि…

Started by Sarita Bhatia

0 May 19, 2013

माता रानी तेरी जय हो जय हो // कुशवाहा//

माता रानी तेरी जय हो जय हो // कुशवाहा// ------------------------------- जय हो जय हो सदा ही जय हो . माता रानी तेरी जय हो जय हो  भक्त जो आये…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

2 May 4, 2013
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

पूर्ण समर्पण

ईश्वर अनुभूति का विषय है न की वाद विवाद का अतः ईश्वर तक पहुँचने का सर्वोत्तम मार्ग है पूर्ण समर्पण का भाव। पूर्ण समर्पण केवल प्रेम से ही सं…

Started by ASHISH KUMAAR TRIVEDI

2 May 4, 2013
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

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"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
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Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
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2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
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"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
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"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
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