For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • Male
  • बिहार, कैमूर, वर्तमान में बीएचयू वाराणसी में शोधरत
  • India
Share on Facebook MySpace

CHANDRA SHEKHAR PANDEY's Friends

  • डा. उदय मणि कौशिक
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Nilesh Shevgaonkar
  • लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
  • arvind ambar
  • Kishorekant
  • शुभांगना सिद्धि
  • जितेन्द्र पस्टारिया
  • शिज्जु "शकूर"
  • किशन  कुमार "आजाद"
  • यशोदा दिग्विजय अग्रवाल
  • Ketan Parmar
  • डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • डॉ नूतन डिमरी गैरोला
 

CHANDRA SHEKHAR PANDEY's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
VARANASI
Native Place
लहुरीबारी, मोहनियां जिला कैमूर बिहार
Profession
Teacher Educator, M.Ed,M.B.A, UGC-NET(Education), PhD Pursuing from B.H.U Varanasi.
About me
मूलस्थान- कैमूर बिहार। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी, से बीए, बीएड, एम एड(2002-07) करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा,2007 में शिक्षाशास्त्र विषय से उत्तीर्ण की और फिर यूनिवर्सिटी आफ एलाहाबाद से एमबीए 2008-10 किया। एक वर्ष तक 2010-11 एक राष्ट्रीय स्तर की नान प्राफिट संस्था न्यू एजुकेशन ग्रुप फाउंडेशन फार इन्नोवेशन एंड रिसर्च, इन एजुकेशन दिल्ली आधारित, में बतौर जिला समन्वयक, उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में समाज सेवा की। एक वर्ष 2011-12 श्रीराम कालेज आफ मैनेजमेंट (मुजफ्फरनगर) में अध्यापन किया। वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय में अंतर्नुशासनात्मक अनुसंधान में संलग्न हूं। नवीनतम शैक्षिक उपलब्धि में प्रबंधशास्त्र में यूजीसी नेट उत्तीर्ण किया (जून 2013)

CHANDRA SHEKHAR PANDEY's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:40pm on November 11, 2015, ASHISH KUMAAR TRIVEDI said…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

At 9:50am on November 20, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

आपकी मित्रता स्वीकार करते हुए ख़ुशी हो रही है श्री बृजेश नीरज जी | आशा है हम

मिलकर साहित्य वृद्धि  में अपना अधिक योगदान दे पायेंगे |

At 2:41pm on November 19, 2013, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

मित्र 

आपका हृदयं  से स्वागत है   i 

सस्नेह  i

At 9:56am on September 27, 2013, Abhinav Arun said…

सफल समर्थ सशक्त शिखर हों ..बहुत शुभकामनायें श्री शेखर जी !!

At 11:12am on August 18, 2013, डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा said…

शुभकामना और उफनती सुन्दर रचनाओं के लिए बधाई.

At 1:38pm on August 11, 2013, mrs manjari pandey said…

  धन्यवाद चन्द्रशेखर जी ! आपको रचना सरस लगी !

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted blog posts
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
8 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
13 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service