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रवि भसीन 'शाहिद''s Blog – March 2020 Archive (4)

जी हाँ (ग़ज़ल)

हज़ज मुसम्मन महज़ूफ़

मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन

1222 / 1222 / 1222 / 122

अभी भी है तुम्हें उस बेवफ़ा से प्यार? जी हाँ

निभाने को ये ग़म ता-उम्र हो तय्यार? जी हाँ [1]

उसे देखे बिना इक पल नहीं था चैन दिल को

उसे फिर देखना चाहोगे तुम इक बार? जी हाँ [2]

सिवा ज़िल्लत मिला कुछ भी नहीं कूचे से उसके

अभी भी क्या तुम्हें जाना है कू-ए-यार? जी हाँ [3]

पता तो है तुम्हें सर माँगती है ये मुहब्बत

तो क्या जाओगे हँसते हँसते…

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Added by रवि भसीन 'शाहिद' on March 26, 2020 at 3:38pm — 5 Comments

ख़ुदा ख़ैर करे (ग़ज़ल)

रमल मुसम्मन सालिम मख़्बून महज़ूफ़ / महज़ूफ़ मुसक्किन

फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़इलुन/फ़ेलुन

2122 1122 1122 112 / 22

ये सफ़र है बड़ा दुश्वार ख़ुदा ख़ैर करे

राह लगने लगी दीवार ख़ुदा ख़ैर करे [1]

इस किनारे तो सराबों के सिवा कुछ भी नहीं

देखिए क्या मिले उस पार ख़ुदा ख़ैर करे [2]

लोग खाते थे क़सम जिसकी वही ईमाँ अब

बिक रहा है सर-ए-बाज़ार ख़ुदा ख़ैर करे [3]

ये बग़ावत पे उतर आएँगे जो उठ बैठे

सो रहें हाशिया-बरदार ख़ुदा ख़ैर करे…

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Added by रवि भसीन 'शाहिद' on March 20, 2020 at 7:00pm — 16 Comments

जो तेरी आरज़ू (ग़ज़ल)

बहरे हज़ज मुसद्दस महज़ूफ़

1 2 2 2 / 1 2 2 2 / 1 2 2

जो तेरी आरज़ू खोने लगा हूँ

जुदा ख़ुद से ही मैं होने लगा हूँ [1]

जो दबती जा रही हैं ख़्वाहिशें अब

सवेरे देर तक सोने लगा हूँ [2]

बड़ी ही अहम हो पिक फ़ेसबुक पर

मैं यूँ तय्यार अब होने लगा हूँ [3]

जो आती थी हँसी रोने पे मुझको

मैं हँसते हँसते अब रोने लगा हूँ [4]

बढ़ाता जा रहा हूँ उनसे क़ुरबत

मैं ग़म के बीज अब बोने लगा हूँ [5]

जो पुरखों की दिफ़ा…

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Added by रवि भसीन 'शाहिद' on March 15, 2020 at 1:00am — 11 Comments

करेगा तू क्या मिरी वकालत (ग़ज़ल)

बहरे मुतक़ारिब मुसम्मन मक़बूज़ अस्लम

121   22   121   22

फ़रेब-ओ-धोका है ये अदालत

करेगा तू क्या मिरी वकालत [1]

रसूल कितने ही आ चुके पर

गई न इंसान की जहालत [2]

सनम रिझाएँ ख़ुदा मनाएँ

है गू-मगू की ये अपनी हालत [3]

जो मुड़ गया राह-ए-इश्क़ से तो

रहेगी ता-उम्र फिर ख़जालत [4]

किसे फ़राग़त जो दे तवज्जो

दिखाइएगा किसे बसालत [5]

है मुख़्तसर मेरी गुफ़्तगू पर

है ग़ौर और फ़िक्र में तवालत…

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Added by रवि भसीन 'शाहिद' on March 10, 2020 at 5:30pm — 5 Comments

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