For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna's Blog – June 2015 Archive (6)

संशोधित दोहे :...........

संशोधित दोहे :



कर्म बिना मेवा नहीं, बिन मान नहीं शान

विधवा सी लगती सदा,सुर बिन जैसे तान

पैसा  काम न  आयेगा, जब आएगा काल

रह  जाएगा  सब यहीं , काहे  करे  मलाल

काया माया का  भला , काहे  करे   गुमान

नश्वर ये संसार है , क्षण भर का अभिमान

ममता को बिसरा दिया ,भूल गया हर फ़र्ज़

चुका  न  पाया  दूध का , जीवन में वो क़र्ज़

मानव  दानव  बन  गया, किया खूब संहार

पाप  कर्म से  कर  लिया,  पापी  ने…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 24, 2015 at 4:30pm — 18 Comments

चेहरे की रेखाओं में …

चेहरे की रेखाओं में …

जाने कैसी बेरहम हो तुम

सिसकने की वजह देकर

खामोशी से चली जाती हो

चेहरे की रेखाओं में

दर्द के रंग भर जाती हो

स्मृति के किसी कोने में कुछ दृश्य

मेरे अन्तःमन को विचलित कर जाते हैं

और मैं बेबस निरीह सा

अपने सर को झुकाये

काल्पनिक लोक के दृश्यों से

स्वयं को जोड़ने का

बेवजह प्रयत्न करता हूँ

जानता हूँ कि उन दृश्यों से

एकाकार असंभव है

फिर क्योँ तेरी प्रतीक्षा करूं

क्योँ तुझसे स्नेह करूं

ऐ नींद…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 18, 2015 at 3:30pm — 6 Comments

मेरे 3 मुक्तक ....

1.

थोड़ा सा झूठा  हूँ  ....

थोड़ा सा झूठा  हूँ थोड़ा  सा सच्चा हूँ

थोड़ा सा  बुरा  हूँ थोड़ा  सा अच्छा हूँ

भुला देना दिल से  मेरी गल्तियों को

दिल से तो यारो मैं थोड़ा सा बच्चा हूँ

सुशील सरना

......................................................

2.

तेरे अल्फ़ाज़ों से....

तेरे अल्फ़ाज़ों से हसीन जज़्बात बयाँ होते हैं

तेरे ख़तूत में कुछ बीते लम्हात निहाँ होते हैं

हर शब तेरे जिस्म की बू  से लबरेज़ होती है

हर ख़्वाब में बस तेरे…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 13, 2015 at 1:30pm — 4 Comments

धड़कन भी खो जायेगी....

आओ न !

मेरे शब्दों को सांसें दे दो

हर क्षण तुम्हारी स्मृतियों में

मेरे स्नेहिल शब्द

तुम्हें सम्बोधित करने को

आकुल रहते हैं

गयी हो जबसे

मयंक भी उदासी का

पीला लिबास पहन

रजनी के आँगन में बैठ

तुम्हारे आने का इंतज़ार करता है

न जाने अपने प्यार के बिना

तुम कैसे जी लेती हो

यहाँ तो हर क्षण तुम्हारी आस है

तुम बिन हर सांस अंतिम सांस है

तुम नहीं जानती

तुम्हारी न आने की ज़िद क्या कहर ढायेगी

जिस्म रहेंगे मगर

जिस्मों से…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 9, 2015 at 2:44pm — 16 Comments

ऊंचाई (लघु कथा)

लघु कथा - ऊंचाई

''पापा पापा जल्दी आओ, आफिस में देर हो रही है। ''

'' ओफ्फो ! एक मिनट तो रुको। ज़रा चप्पल तो पहन लूँ। द्वारका प्रसाद ने घर भीतर से आवाज़ दी। ''

''आ गया आ गया मेरे बेटे। ''

''इतनी देर कहाँ लगा दी पापा आपने। "

''वो बेटे पहले तो चप्पल नहीं मिली और मिले तो पहनते ही उसका स्टेप निकल गया बस इसी में थोड़ी देर हो गयी। द्वारका प्रसाद ने आँखों के चश्मे को ठीक करते हुए कहा। ''

''राहुल ने चमचमाती नयी गाड़ी का दरवाजा खोला और कहा चलो जल्दी बैठो। ''

वृद्ध…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 6, 2015 at 4:00pm — 40 Comments

मुलाकात..........

मुलाकात......

आजकल ग़मों में भी

बरसात कहाँ हो पाती है

सब से हो जाती है

पर खुद से बात कहाँ हो पाती है

फुर्सत ही नहीं इस तेज रफ्तार

जिन्दगी की राहों में

कि रुक कर

खुद से चंद लम्हे बात करें

कोई नहीं होता

जब रात के अँधेरे में

कैद से रिहा होते

अँधेरे से सवेरे में

बावजूद अकेला होने के

पलक कहाँ सो पाती है

दिल के निहाँखाने से

कहाँ ख़ुद की रिहाई हो पाती है

धीरे धीरे ज़िंदगी

कहीं गर्द में खो जाती है

बंद होते…

Continue

Added by Sushil Sarna on June 4, 2015 at 6:41pm — 10 Comments

Monthly Archives

2026

2025

2024

2023

2022

2021

2020

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
6 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
6 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
22 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर,           जब ऐसा लगता था धीरे-धीरे सभी नियमित सदस्यों के पास…"
yesterday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जिस प्रकार हम लाइव तरही मुशायरा, चित्र से काव्य तक, obo लाइव महा उत्सव इत्यादि का आयोजन करते हैं…"
yesterday
सतविन्द्र कुमार राणा replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मैं लगभग 10 वर्ष पहले इस मंच से जुड़ा, बहुत कुछ सीखने को मिला। पारिवारिक व्यस्तता के कारण लगभग सोशल…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर हमारे समूह में कोई व्यवसायी हैं और उनके पास कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड्स हों तो वे इसके…"
Saturday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सदस्यों में रुचि के अभाव ने इसे बंद करने के विचार का सूत्रपात किया है। ऐसा लगने लगा था कि मंच को…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" एक दुखद स्थिति बन रही है. लेकिन यह नई नहीं है. जब आत्मीयजनों और ओबीओ के समृद्ध सदस्यों की…"
Saturday
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"मै मंच के प्रारंभिक दिनों से ही जुड़ा हुआ हूं। इसका बंद होना बहुत दुखद होगा। मुझे लगता है कि कुछ…"
Saturday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय गणेश जी, जितना कष्ट आपको यह सूचना देते हुए हो रहा है, उतना ही कष्ट हम सब को यह सुनने में हो…"
Saturday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दु:खद "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service