For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepak Sharma Kuluvi's Blog – November 2010 Archive (3)

काहे

नसबंदी कैम्प में आये

एक आगन्तुक को देख

डाक्टर साहब झल्लाए

उत्सुकता से चिल्लाये

और उससे पूछने लगे

भैया जहाँ तक मुझे याद है

तुम तो पिछले वर्ष भी कैम्प में आये थे

और हमसे ही अपना नसबंदी आपरेशन करवाए थे

आगन्तुक बोला डाक्टर साहब आपने ठीक फ़रमाया

मैं तो पिछले वर्ष भी आया था

और आपसे ही आपरेशन करवाया था

बदले में प्रोत्साहन राशी १५० रुपये भी पाया था

लेकिन इस बार आप प्रोत्साहन राशि काहे बढ़ाये

१५०… Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 30, 2010 at 10:30am — No Comments

राखी का इन्साफ

वाह री राखी सावंत

कर दिया तूने तंग

ऐसे चिल्लाती हो जैसे

लड़ रही हो जंग

सच बतलाएं मज़ा न आया

बेशक तूने नाम कमाया

देख तिहारी नौटंकी

हुई जाए अखियाँ बंद

नारी हो कुछ शर्म करो

कुदरत के कहर से डरो

इतना चीखना चिल्लाना

एक मर्द को नामर्द बतलाना

कहाँ से इतना ज्ञान पा लिया

हम देख के रह गए दंग

खुद भड़कीले वस्त्र धारणी

उंगली उठाती दूजों पर

राखी के इन्साफ में दिखता

केवल अश्लीलता का रंग



दीपक शर्मा… Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 19, 2010 at 3:00pm — 1 Comment

छोटी सी भूल (रैगिंग)

छोटी सी भूल (रैगिंग)



'अमन' को आज इन्साफ मिला

हम फिर भी हैं शर्मसार

मेरे हिमाचल के बच्चों ने

ली थी उसकी जान

एक छोटी सी गलती ने

कारागार पहुँचाया

खुद भी हुए कलंकित

हिमाचल को कलंक लगाया

में लेखक हूँ ,मुझको है

अफ़सोस इस घटना पर

विनती है हर नौजवान से

ऐसे कृत्यों से डर

ऐसे कुकर्म से डर



दीपक शर्मा कुल्लुवी

०९१३६२११४८६

११-१०-२०१०.



खबर : मेरी जन्म भूमि काँगड़ा के मेडिकल कालेज टांडा(काँगड़ा)… Continue

Added by Deepak Sharma Kuluvi on November 12, 2010 at 1:15pm — 5 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service