For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Manan Kumar singh's Blog – February 2015 Archive (1)

ले लो एक सलाम(अतुकांत कविता)

ले लो एक सलाम

आने को फागुन,

है सुन रही गुनगुन,

किसकी अहो,किसकी कहो?

हटा घूँघट अब कली-कली का,

कौन रहा यह मुखड़े बाँच?

कलियों से अठखेली करता,

नाच रहा है घूर्णन नाच ?

हुआ व्यग्र,पहचान नहीं कि

कौन कली खुशबू की प्याली,

कौन रूप की होगी थाली,

खिलखिलाकर खिलने देता,

रूप-वयस को मिलने देता,

देता कुछ सपने उधार,

कलियाँ कहतीं रूप उघाड़---

आज तो अब जा रहा,

हम आज के कल हैं,

अबल कब?सबल…

Continue

Added by Manan Kumar singh on February 8, 2015 at 10:00am — 1 Comment

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"कहाँ मासूमियत का "कल" सँवारा जा रहा हैहै सच तो ये कि इसका "आज" मारा जा रहा…"
33 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"बहुत बढ़िया ग़ज़ल आदरणीय महेंद्र कुमार जी। मुशायरे का आग़ाज़ करने के लिए भी बहुत-बहुत बधाई।"
1 hour ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"आद0 महेन्द जी उम्दा ग़ज़ल कही आपने, मुशायरे का प्रारम्भ  एक बेहतरीन ग़ज़ल से करने पर आपको बहुत…"
2 hours ago
Mahendra Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"मुहब्बत में नफ़ा है या ख़सारा जा रहा हैकभी सोचा न हमने क्या हमारा जा रहा है ये क्या कम है कि उस पर…"
4 hours ago
Neelam Dixit is now a member of Open Books Online
4 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय सुशील सरना जी ख़ूबसूरत कविता के लिए बधाई स्वविकारें।"
9 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on TEJ VEER SINGH's blog post उसूल - लघुकथा -
"मुबारकबाद आदरणीय तेजवीर सिंह जी ख़ूबसूरत लघुकथा के लिए बधाई स्वविकारें।"
9 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post शाम के दोहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"मुबारकबाद भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी अच्छे दोहे हुए हैं ।"
9 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - उन  के बंटे जो  खेत तो  कुनबे बिखर गए
"मुबारकबाद नीलेश भाई अच्छी ग़ज़ल हुई है।"
9 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी, आपको सपरिवार जनम दिन की हार्दिक बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं। प्रभु आपकी…"
10 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"आदरणीय vijay nikore  जी सृजन आपकी प्रेरक प्रतिक्रिया का दिल से आभारी है।"
10 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी सृजन आपकी प्रेरक प्रतिक्रिया का दिल से…"
10 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service