For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

DR. HIRDESH CHAUDHARY's Blog (11)

बृज क्षेत्र का सावन और उसका सौंदर्य

मदमस्त चलती हवाएं और कार में एफएम पर मल्हार सुनकर, पास बैठी मेरी सखी साथ में गाना गाने लगती है "सावन के झूलों ने मुझको बुलाया, मैं परदेशी घर वापस आया" गाते गाते उसका स्वर धीमा होता गया और फिर अचानक वो खामोश हो गयी, उसको खामोश देखकर मुझसे पूंछे बिना नही रहा गया। फिर वो पुरानी यादों में खोई हुई सी मुझसे कहती है कि कहाँ गुम हो गए सावन में पड़ने वाले झूले, एक समय था जब सावन माह के आरम्भ होते ही घर के आंगन में लगे पेड़ पर झूले पड़ जाते थे और किशोरिया गाने लगती थी..

कच्ची नीम की निबौरी, सावन…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on July 22, 2019 at 10:00pm — 1 Comment

मन नहीं करता

हर पन्ने पे होंगीं बलात्कार की खबरें,

इसलिए अखबार पढ़ने का मन नही करता।

परिवार की जड़ें उखड़ कर वृद्धाश्रम में आ गईं,

अब बच्चों को संस्कारी कहने का मन नही करता।

नंगी सड़क पे बचाओ बचाओ पूरे दिन चिल्लाता रहा,

फिर भी उसपे विश्वास करने का मन नही करता।

शरीर के इंच इंच पे, मैं राष्ट्रभक्त हूँ गुदवा रखा था,

फिर भी उसकी राष्ट्रभक्ति पढ़ने का मन नही करता।

कोई मोब्लिंचिंग तो कोई चमकी में मरा होगा इसलिए,

अब सुबह जल्दी…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on July 3, 2019 at 8:14am — 4 Comments

गणतंत्र की आस में तरसता घुमंतू समाज

सड़क किनारे पसरी घोर निराशा और उस निराशा में डूबी हुयी जिंदगियां, चिथड़ों में लिपटे हुए बच्चे, टूटी फूटी झोपड़ियों में सुलगते चूल्हे और उसी सड़क पर सरकार के नुमाइंदों की सरपट दौड़ती चमकती कारों में चर्चा गरम हो रही होती है डिजिटल इंडिया की, पर उन नेताओं को सड़क की जिंदगी बसर करती इस  कौम की  बदहाल  तस्वीर नज़र नहीं आती. जो कि इनके छदम दावों को धूल धूसरित करती है माना कि जीवन अनवरत संघर्ष का नाम है, जिसका कर्म है सदैव चलते रहना, आगे बढ़ते रहना. किन्तु…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on January 25, 2016 at 12:30pm — 6 Comments

ये कैसा कन्या पूजन

एक हाथ से कन्या पूजन दूजे हाथ से कन्या हनन

माँ को खुश करने का कैसा है ये आयोजन

धन वैभव की चाहत में सुख संपत्ति के आगत में

मनाते सभी त्यौहार लक्ष्मी जी के स्वागत में

पर ये कैसा अनर्थ जो गृहलक्ष्मी पर भारी

घर अस्पताल में चलती इस लक्ष्मी पर आरी

माँ की ममता बेबस और निष्ठुर पिता का साया

उस घर में बेटी का जन्म क्यूँ न किसी को भाया

कैसी स्वार्थी कैसी निर्दयी ये दुनिया की मंडी

जहाँ बेबस है शक्ति स्वरूपा दुर्गा काली और चंडी

जिन हाथों से डाली जाती है…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on October 15, 2015 at 10:00pm — 1 Comment

नवरात्रि के जश्न में कुछ सुलगते प्रश्न

 नवरात्रि के जश्न में कुछ सुलगते प्रश्न - डॉ हृदेश चौधरी  

हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार कुंवारी कन्याएँ माता के समान ही पवित्र और पूजनीय होती है साक्षात देवी माँ का स्वरूप मानी जाती है इसलिए “ या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता” भाव के साथ अष्टमी और नवमी के दिन कन्या (कंजिका) पूजन किया जाता है। वेदिक काल के पूर्व से ही कन्या पूजन का विधान रहा है और धर्मशास्त्रों में भी इस बात की स्वीकारोक्ति…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on October 2, 2014 at 1:30pm — 4 Comments

प्राथमिक शिक्षा के डगमगाते कदम

विश्व गुरु कहलाने वाले भारत की बुनियादी शिक्षा सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर रह गयी है। कहते हें बुनियाद जितनी मजबूत होगी, इमारत उतनी ही बुलंद होगी I इसी तरह प्राथमिक शिक्षा का स्तर जितना बेहतर होगा, देश के नौनिहालों का भविष्य उतना ही उज्जवल होगा । आज एक तरफ हम विकास की तमाम राहें क्यू न तय कर रहे हों और देश की तरक्की के लिए विदेशों के साथ दोस्ती का ख्वाब बेशक सज़ा रहे हो, लेकिन दूसरी तरफ  इन सबके साथ एक बहुत बड़ा कड़वा सच जो हम अपनी आंखो से देख रहे है वो है प्राथमिक शिक्षा का डगमगाता स्वरूप,…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on October 1, 2014 at 11:40am — 4 Comments

सावन के झूलों ने मुझको बुलाया

सावन के झूलों ने मुझको बुलाया

डॉ० ह्रदेश चौधरी

मदमस्त चलती हवाएँ, और कार में एफएम पर मल्हार सुनकर पास बैठी मेरी सखी साथ में गाने लगती है “सावन के झूलों ने मुझको बुलाया, मैं परदेशी घर वापिस आया”। गाते गाते उसका स्वर धीमा होता गया और फिर अचानक वो खामोश हो गयी, उसको खामोश देखकर मुझसे पूछे बिना नहीं रहा गया। वो पुरानी यादों में खोयी हुयी सी मुझसे कहती है कहाँ गुम हो गए सावन में पड़ने वाले झूले, एक…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on July 23, 2014 at 7:30pm — 8 Comments

पैसे की बिसात पर लोकतंत्र

पैसे की बिसात पर लोकतंत्र

लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे भव्य प्रदर्शन अप्रैल और मई में होने वाला है जब देश के 81करोड़ मतदाताओं को अपने सांसदों को चुनने का सौभाग्य मिलेगा। मतदाताओं को अपने एक-एक वोट से उत्कृष्ट नेताओं को संसद तक पंहुचाने के लिए चुनावी इम्तिहान से गुजरना होगा। पैसा, प्रलोभन  और भाई भतीजावाद से ऊपर उठकर लोकतंत्र के सभी मानकों…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on March 26, 2014 at 3:00pm — 2 Comments

गंगा जमुनी तहज़ीब है बसंत

गंगा जमुनी तहज़ीब है बसंत

पलकों की छांव में आकर जो खामोश हुये बैंठे हैं ।

दिल की चौखट पर हजारों सवालात लिए बैंठे हैं ।

पीले फूलों की तरह हर तरफ खिलता रहे बसंत,…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on February 4, 2014 at 7:30pm — 6 Comments

हर नुक्कड़, चौराहे पर गणतन्त्र कराहता है

हर नुक्कड़, चौराहे पर गणतन्त्र कराहता है

“किन्तु परंतु के भँवर में घुमंतू समाज”

 

‘’वसुधैव कुटुंबकम’’ मूलमंत्र की प्राप्ति की पहली सीढ़ी शिक्षा ही है जिसको हासिल कर कोई भी देश अपने अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है। हमने अपने महापुरुषों के बलिदान से आज़ादी का सपना पूरा कर लिया, उस आज़ादी का सूरज निकले अरसा बीत चुका, ढंग से जीने का मौका अधिकार भी मिला, दुनिया के साथ अपना देश भी…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on January 26, 2014 at 11:00pm — 9 Comments

रिश्तों का अलंकार बनूँगी माँ

रिश्तों का अलंकार बनूँगी माँ

 

इंद्र्धनुष के समाये हें मुझमें सातों रंग

हर कली में ममता का श्रंगार करूंगी माँ।

बंद कली खिल जाने दे, नई सृष्टि रच जाने दे,

इस जग में आकर प्रकृति का उपहार बनूँगी…

Continue

Added by DR. HIRDESH CHAUDHARY on January 14, 2014 at 7:30pm — 8 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service