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तेरे मेरे दोहे ..

तेरे मेरे दोहे :

दंतहीन मुख पोपला, हुए दृष्टि से सूर ।
शक्तिहीन काया हुई, चलने से मजबूर ।।

दंतहीन मुख पोपला, दृष्टि से लाचार ।
देख -देख मिष्ठान को, मुख से टपके लार ।।

लघु शंका बस में नहीं, मुख से टपके लार ।
बदला सा लगने लगा , अपनों का व्यवहार ।।

काया का सूरज ढला, ढली श्वास की शाम ।
दूर क्षितिज पर साँझ की, लाली करे प्रणाम ।।

काया साँसों से चले ,चले कर्म से नाम ।
चंचल मन के अश्व की, वश में रखो लगाम ।।

सुशील सरना / 3-3-22

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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Comment by Sushil Sarna on February 19, 2022 at 2:26pm
आदरणीय समर कबीर जी, आदाब, सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी
Comment by Samar kabeer on February 15, 2022 at 2:59pm

जनाब सुशील सरना जी, उम्द: दोहे हुए हैं, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sushil Sarna on February 12, 2022 at 1:12pm
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 9, 2022 at 6:52pm

आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। एक से बढ़कर एक उत्तम दोहे हुए हैं। मन मोह लिया। हार्दिक बधाई।

Comment by Sushil Sarna on February 6, 2022 at 9:50pm
आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब, आदाब - सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय
Comment by Sushil Sarna on February 6, 2022 at 9:50pm
परम आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी, सादर प्रणाम, सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार
Comment by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी on February 6, 2022 at 11:06am

आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, वृद्धावस्था और वास्तविक जीवन पर सुंदर दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई स्वीकार करें।  सादर। 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 6, 2022 at 8:56am

वार्धक्य का वर्णन श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी. 

कहन में क्या ही सान्द्रता है. क्या ही गहराई है.

बधाई स्वीकार करें

शुभ-शुभ

Comment by Sushil Sarna on February 4, 2022 at 7:49pm
आदरणीय चेतन प्रकाश जी सादर प्रणाम, सर सृजन पर आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया का दिल से आभार ।
Comment by Chetan Prakash on February 4, 2022 at 4:51pm

बहुत सुन्दर चित्रण हुआ आदरणीय, वृद्धावस्था का, बधाई!   दोहा न. 4व5 मेंनिरन्तर बढ़ती हुई आयु का अलंकारिक प्रतीकात्मक वर्णन प्रशंसनीय बन पड़ा है, आ. सुशील सरना साहब  ! 

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