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प्यार वो ख़ुश्बू है जिससे सारा चमन महक उठता है
प्यार वो समझ है जिससे सारी दुनिया शांत हो उठती है

प्यार वो विश्वास है जहाँ अटूट बंधन बाँध लेता है
प्यार वो रंग है जो हर रंग मे मिल जाता है

प्यार बचपन से लेकर जवानी तक एक कहानी लिख जाता है
प्यार जवानी से बुढ़ापे तक एक नई दास्तान बताता है

काश ! हर तरफ़ प्यार ही होता
तो आज दुनिया का एक नया रूप होता

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Comment by Rana Pratap Singh on September 6, 2010 at 9:31pm
आमीन| बहुत सुन्दर विचार|
Comment by Raju on April 6, 2010 at 7:46pm
bahut bahut dhanyawaad ees kavita ke liye...........bahut sunder
Comment by Ratnesh Raman Pathak on April 6, 2010 at 7:17pm


प्यार ...
क्या है यह ?
लफ्ज़ नही है सिर्फ़
जिसे बाँध लिया जाए
किसी सीमा में
और खत्म कर दिया जाए
उसकी अंतहीनता को

प्यार ....
वस्तु भी नही है कोई
यह तो है एक एहसास
एक आश्वासन
जो धीरे धीरे
दिल में उतरता
मुक्त गगन सा विचरता
शब्दों को कविता कर जाता है

प्यार .....
है नयनों में भरा सपना
जो कई अनुरागी रंगो से रंगा
चहकता है पक्षी सा
अंधेरों को उजाले से भरता
नदी सा कल कल करता
बूंद को सागर कर जाता है

प्यार .....
मिलता है सिर्फ़
दिल के उस स्पन्दन पर
जब सारा अस्तित्व मैं से तू हो कर
एक दूजे में खो जाता है
कंटीली राह पर चल कर भी
जीवन को फूलों सा मह्काता है !!
Comment by Rash Bihari Ravi on April 2, 2010 at 6:56pm
bahut khub jabardast
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on April 2, 2010 at 6:24pm
bahut badhiay raju bhai...
प्यार बचपन से लेकर जवानी तक एक कहानी लिख जाता है
प्यार जवानी से बुढ़ापे तक एक नई दास्तान बताता है
bahut sundar rachna baa raju bhai....aisehi likhat rahi.....
raur agila rachna ke intezaar rahi,.....

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 2, 2010 at 6:16pm
प्यार वो विश्वास है जहाँ अटूट बंधन बाँध लेता है
प्यार वो रंग है जो हर रंग मे मिल जाता है


वाह वाह राजू भाई एतना निमन रचना , उहोओ प्यार पर , लागत बा की रौवा के प्यार हो गइल बा, हा हा हा हा , वैसे सच कहल जाव त बहुत खुबसूरत कविता बनल बा
Comment by Admin on April 2, 2010 at 6:12pm
काश ! हर तरफ़ प्यार ही होता
तो आज दुनिया का एक नया रूप होता
बहुत ही सुन्दर रचना है राजू भाई, आपने प्यार को बहुत ही अच्छे तरीका से परिभाषित किया है, यह कविता वाकई तारीफ के काबिल है , बहुत बहुत धन्यवाद इस खुबसूरत रचना के लिये .

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