For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वक्त,,,,
--------------
किसी किसी कॊ भला खासा, बना दॆता है वक्त ॥
किसी की ज़िंदगी का तमाशा,बना दॆता है वक्त ॥१॥



कभी चुल्लू भर पानी सॆ, भर दॆता है समंदर कई,
कभी समन्दर कॊ  भी प्यासा, बना दॆता है वक्त ॥२॥



हारती हुई बाज़ी कॊ जीत मॆं, बदल दॆता है कभी,
पलट कर कॆ शकुनि का पांसा, बना दॆता है वक्त ॥३॥



मॆहरबां हॊता जिस पॆ, उस की मिट्टी भी सॊना है,
रूठ अगर  रॊशनी कॊ कुहासा, बना दॆता है वक्त ॥४॥



भॆजता फ़रिश्ता, मदद कॆ वास्तॆ, अचानक कभी,
कभी वादॆ कॊ यॆ झूठा दिलासा,बना दॆता है वक्त ॥५॥


इक जरा सी भूल कॊ भी, बवंडर बना दॆता है  वक्त,

"राज" बवंडर कॊ कभी जरा सा, बना दॆता है वक्त ॥६॥


           कवि-"राज बुन्दॆली"

              ०५/०२/२०१२


Views: 327

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on February 6, 2012 at 4:52pm

आप सभी को प्रणाम करता हूं,,,,,,,,,,इतनी संजीदा रचना को भी आप लोगॊं का वही सनेह मिला जो आप मेरी हर रचना पर बरसातॆ हैं,,,,,किन शब्दॊं मॆं आप लोगो का शुक्रिया अदा करूं,,,,,,,शब्द कम पड़ रहे हैं,,,इस लिये एक विश्वास दिलाता हूं कि बेहतर विशुद्ध साहित्य आप तक पहुचाता रहूंगा ॥ धन्यवाद,,,,,,,,,,


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 6, 2012 at 12:45pm

vaqt vaqt ki baat hai jindagi bhi vaqt ki dhuri par chalti hai bahut sundar bhaavon se labrej aapki prastuti.bahut khoob.

Comment by AVINASH S BAGDE on February 6, 2012 at 11:20am

कभी चुल्लू भर पानी सॆ, भर दॆता है समंदर कई,
कभी समन्दर कॊ  भी प्यासा, बना दॆता है वक्त ॥२॥bahut khoob....Raj ji.


Comment by कवि - राज बुन्दॆली on February 5, 2012 at 2:26pm

धन्यवाद,,,,,,,,,आशुतोष जी आपका एवं ओ.बी.ओ.परिवार का आभारी हूं,,,,,,,,,,,,,,,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Mar 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service