For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नेता की शादी में
---------------------
नेता की शादी में
गरीब भी आये
पानी भरे -अंखियों से
लड्डू- मन में खाए !
-----------------------
डांट खाए दुत्कार
कुत्ते के पीछे वे
गालियों का प्रसाद
झोली भर लाये !
----------------------
चकाचौंध फुलझड़ी
नींद में सताए
बिटिया जवान हुयी
कब तक छिपाए !
---------------------
बेटे ने देख लिया
नेता का डेरा
मोह हम से कम हुआ
छोरा-छिछोरा !
---------------------------
तोते सा बोले वो
मन का मगरमच्छ है
आँखों में झांके तो
जान चली जाए !
-------------------------------
'इस' नेता 'उस' नेता
कितना फरक है
'जान' था हमारा 'वो'
'ये' तो 'जहर' है !
------------------------------
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल "भ्रमर' ५
८.१०-८.२५ पूर्वाह्न
कुल्लू एच पी ८.५.१२

Views: 643

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 25, 2012 at 11:34pm

स्वागत है आप का  सीमा जी ..

हाँ आने के पहले आगाज हो जाता है ..आप नेता की शादी में आयीं ख़ुशी हुयी ......भ्रमर ५ 
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 22, 2012 at 11:03pm

आदरणीय  अविनाश भाई  और अशोक  भाई  प्रोत्साहन हेतु आभार ..ये समाज की विसंगतियां चिंतनीय हैं ही .....भ्रमर ५ 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 22, 2012 at 10:59pm

आदरणीया सरिता सिन्हा  जी जय श्री राधे नाम तो आप का लिया है लेकिन सीमा जी कह दिया क्षमा करियेगा ...क्षमा बड़न  को चाहिए हम बालक तो उत्पाती हैं ही . वर्तमान व्यवस्था व परिस्थिति पर  पर बढ़िया कटाक्ष ..  आभार आप का  काश  ये  विषमताएं दूर हों  सरिता जी ...भ्रमर ५ 

Comment by Ashok Kumar Raktale on May 22, 2012 at 9:03pm

आदरणीय भ्रमर जी सुन्दर क्षणिकाओं की बरात. इस नेता उस नेता.... वाह क्या बात है. बधाई.

Comment by AVINASH S BAGDE on May 22, 2012 at 3:07pm

'इस' नेता 'उस' नेता 
कितना फरक है 
'जान' था हमारा 'वो' 
'ये' तो 'जहर' है ! 


wo ' NETAJI ' the..

ye to muye neta hai...

Comment by Sarita Sinha on May 22, 2012 at 2:40pm

भाई सुरेन्द्र कुमार जी, मेरा भी नाम ले लिया  होता....

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 21, 2012 at 11:15pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी , रेखा जी, सीमा जी , महिमा श्री जी  और  मान्यवर और प्रिय  सौरभ जी , आशीष जी , बागी जी , योगराज जी , संदीप जी, और कुशवाहा जी  ये हमारे समाज की एक कडवी सच्चाई झलकी थी ..जिसे आप सब  ने  देखा  और  इस रचना को प्यार दिया ..बहुत अच्छा लगा काश ये विसंगतियां दूर हों .. .बहुत बहुत आभार . -भ्रमर ५ 

Comment by MAHIMA SHREE on May 21, 2012 at 10:07pm

नेता की शादी में
गरीब भी आये
पानी भरे -अंखियों से
लड्डू- मन में खाए !
-----------------------
डांट खाए दुत्कार
कुत्ते के पीछे वे
गालियों का प्रसाद
झोली भर लाये !
----------------------
चकाचौंध फुलझड़ी
नींद में सताए
बिटिया जवान हुयी
कब तक छिपाए !
---------------------
बेटे ने देख लिया
नेता का डेरा
मोह हम से कम हुआ
छोरा-छिछोरा !
---------------------------
तोते सा बोले वो
मन का मगरमच्छ है
आँखों में झांके तो
जान चली जाए !
-------------------------------
'इस' नेता 'उस' नेता
कितना फरक है
'जान' था हमारा 'वो'
'ये' तो 'जहर' है ! वाह !!बहुत ही सुंदर अभिवयक्ति भ्रमर सर  .. शब्द नहीं है मेरे पास ... ह्रदय से बधाई आपको जय श्री राधे

Comment by Sarita Sinha on May 21, 2012 at 4:12pm

सुरेन्द्र जी, नमस्कार, 

वर्तमान व्यवस्था व परिस्थिति पर  पर बढ़िया कटाक्ष ..
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 21, 2012 at 3:57pm

aadarniya bhramar ji, sadar

invitation mila nahi aaya aap saneh

inkki shadi na jaiye kanchan barse meh 

badhai.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

रामबली गुप्ता posted a blog post

कर्मवीर

आधार छंद-मनहरण घनाक्षरी सुख हो या दुख चाहें रहते सहज और, जग की कठिनता से जो न घबराते हैं। स्थिति…See More
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर और समसामयिक नवगीत रचा है आपने। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

दोहा पंचक - आचरण

चाहे पद से हो बहुत, मनुज शक्ति का भान। किन्तु आचरण से मिले, सदा जगत में मान।। * हवा  विषैली  हो …See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई तिलक राज जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार। 9, 10…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। कुछ मिसरे और समय चाहते है। इस प्रयास के…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। आ. भाई तिलक राज जी के सुझाव से यह और…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई अजय जी, प्रदत्त मिसरे पर गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
" आदरणीय तिलक राज कपूर साहब,  आप मेरी प्रस्तुति तक आये, आपका आभारी हूँ।  // दीदावर का…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आ. भाई लक्ष्मण सिंह धानी ' मुसाफिर' साहब हौसला अफज़ाई के लिए  आपका बहुत-बहुत…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"आपने खत लिखा उसका ही असर है साईंछोड़ दी अब बुरी संगत की डगर है साईं धर्म के नाम बताया गया भाई…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-187
"ग़ज़ल पर अपनी बारीक़-नज़र से टिप्पणी करने के लिए आपका आभार आदरणीय तिलकराज जी।  एक प्रश्न है: इस…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service