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ख़बर बहुत ही दुखदायी है बाबाजी

करोड़ों  दिलों पर राज करने वाले शहंशाह-ए-ग़ज़ल एवं लोक लाड़ले  स्वर सम्राट जनाब  मेहदी हसन  के देहावसान से  हमें बहुत दुःख पहुंचा है . 

उनकी आत्मिक शान्ति के लिए  परम पिता से प्रार्थना करते हुए  एक ग़ज़ल के रूप में  दिवंगत  आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि :



आँख ग़ज़ल की पथराई है  बाबाजी
नज़्म सोग  में  सरसाई  है बाबाजी



मेहदी की शीतल सुर-सरिता सूख गई
ख़बर  बहुत  ही  दुखदायी है  बाबाजी



चमक दमक, महफ़िल की रौनक रूठ गई
रह   गई   बस   इक   सूनाई  है   बाबाजी



उड़ गये सूखे  फूल कज़ा की आँधी  में
धूल  किताबों   पर  छाई   है   बाबाजी



हाय पहले जगजीत, गये अब मेहदी भी
किसने  चिट्ठी   भिजवाई  है   बाबाजी



अल्लाह ताला उनको जन्नत अता  करे
दुआ   यही  लब   पर  आई  है  बाबाजी



कैसे कहूँ 'अलविदा'  उसे मैं 'अलबेला'
वाणी      मेरी    भर्राई    है   बाबाजी

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Comment

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Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 11:32pm

आपका धन्यवाद बिश्वजीत यादव जी.......
आभार

Comment by Bishwajit yadav on June 14, 2012 at 11:30pm
प्रणाम अलबेला जी

उड़ गये सूखे फूल कज़ा कीआँधी में
धूल किताबों पर छाई है बाबाजी

बहुत सुन्दर सर जी
Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 8:23pm

आपके सलाम को हमारा एह्तरामन सलाम...नीलांश जी....
धन्यवाद

Comment by Nilansh on June 14, 2012 at 8:07pm

उड़ गये सूखे  फूल कज़ा की आँधी  में 
धूल  किताबों   पर  छाई   है   बाबाजी

un fankaaron ko salaam karti aapki rachna ko salaam

 

 

Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 3:48pm

धन्यवाद अरुण जी......

Comment by अरुण कान्त शुक्ला on June 14, 2012 at 3:28pm

आँख ग़ज़ल की पथराई है  बाबाजी
नज़्म सोग  में  सरसाई  है बाबाजी....सच कह रहे हैं ..

Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 12:36pm

जी सौरभ जी...........
_______यह सच है
आपको नमन


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 14, 2012 at 12:33pm

आज आँखें बार-बार कह रही हैं..  हम कुछ और गूँगे हुए हैं.. .

Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 12:30pm


भाई योगेश शिवहरे जी,
भारत में जन्मा वह अनमोल नगीना  भले ही  आज हमारी नज़रों से ओझल हो गया  लेकिन उसकी चमक सदा सदा हमारे सामने रहेगी........

नमन उस महामना को

Comment by Albela Khatri on June 14, 2012 at 12:27pm

जी प्रदीप जी,
आपने सही फरमाया
सादर

कृपया ध्यान दे...

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