For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सिद्ध होय गर स्वार्थ, दबा दे ख़बरें सच्ची -

मौलिक / अप्रकाशित

खरी-खरी खोटी-खरी, खरबर खबर खँगाल ।

फरी-फरी फ़रियाँय फिर, घरी-घरी घंटाल ।

घरी-घरी घंटाल, मीडिया माथा-पच्ची ।

सिद्ध होय गर स्वार्थ, दबा दे ख़बरें सच्ची ।

परमारथ का ढोंग, बे-हया देखे खबरी ।

करें शुद्ध व्यवसाय, आपदा क्यूँकर अखरी ??

Views: 509

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by रविकर on February 6, 2013 at 5:20pm

बहुत बहुत आभार आदरेया / आदरणीय ||

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on February 5, 2013 at 7:36pm

जय हो .............इक दम खरी खरी के लिए बधाई आदरणीय

Comment by राजेश 'मृदु' on February 5, 2013 at 6:42pm

जबर्दस्‍त कुंडलियां है, एक शब्‍द भी हटा नहीं सकते ना ही किसी अन्‍य शब्‍द से प्रतिस्‍थापित नहीं कर सकते । आप जैसे रचनाकारों को पढ़कर मन किसी और जगह चला जाता है, सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 5, 2013 at 1:07pm

सिद्ध होय गर स्वार्थ, दबा दे ख़बरें सच्ची ।

परमारथ का ढोंग, बे-हया देखे खबरी ।---वाह वाह सामयिक कुण्डलिया  पत्रकारिता कि जम कर ख़बर ली है बहुत बहुत बधाई भाई जी  


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 5, 2013 at 12:13pm

मतलब, इस बीच फिर आप फ़ैज़ाबाद की गलियों और अयोध्या की घाटों से हो आये ? जय हो प्रभुवर !!!!....

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 5, 2013 at 11:31am

धनबाद आये बसने, क्यों रविकर जी आप

आबाद रहे  खुश रहे, अब स्थापित हो आप 
धनबाद आबाद रहे , धन की हो बरसात 
रविकर की किरणे मिले, ओबीओ हो माध्य 
धनबाद से कुण्डलिया, सुन्दर यह सौगात,
कविवर लक्ष्मण भी कहे, फिर से होगा साथ ।
Comment by रविकर on February 5, 2013 at 11:03am

आभार आदरणीय सौरभ जी, आदरणीय बागी जी ||
सादर --

धनबाद आ गया हूँ -
आदरणीय सौरभ जी-
नियमित होने की कोशिश चल रही है-
आभार -


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on February 4, 2013 at 8:04pm

आदरणीय रविकर जी, आपने इस कुंडली के माध्यम से चौथे खम्भे के खोखलेपन को उजागर कर दिया है , यही तो हो रहा है, बहुत बहुत बधाई इस प्रस्तुति पर |


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 4, 2013 at 6:42pm

आदरणीय रविभाईजी, आपकी कुण्डलिया किसी पद्य-मंजूषा की तरह होती हैं. हम इसी कारण आपकी कुण्डलियों के शैदाई हैं.

प्रस्तुत छंद के कथ्य मे भी मीडिया के अतुकांत व्यवहार को आपने क्या खूब उकेरा है!.. वाह !!

एक-एक शब्द सान्द्र है. खरी-खरी खोटी-खरी.. वाह वाह ! और नाम दिया घंटाल !! बहुत खूब आदरणीय ! ..हा हा हा .. .  फरी-फरी फरियायँ फिर... कह कर आपने मीडिया की व्यावसायिक टुच्चई को बखूबी साझा किया है.

यह सही है कि ख़बर देने के नाम पर मानवीयता से समझौता किसी तरह से अनुकरणीय नहीं है. लेकिन इस नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह आपके संवेदनशील मन को झकझोर गया.  आपकी सोच-प्रक्रिया को मैं ससम्मान स्वीकार करता हूँ. 

 

एक शिकायत भरा प्रश्न -  इतने दिन भाईजी कहाँ रहे ???

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
18 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
21 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service