For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

देश काल निमित्त की सीमाओं में जकड़े तुम 

और तुम्हारे भीतर एक चिरमुक्त 'तुम'

-जिसे पहचानते हो तुम !

उस 'तुम' नें जीना चाहा है सदा 

एक अभिन्न को-

खामोश मन मंथन की गहराइयों में 

चिंतन की सर्वोच्च ऊचाइंयों में 

पराचेतन की दिव्यता में.....

पूर्णत्वाकांक्षी तुम के आवरण में आबद्ध 'तुम'

क्या पहचान भी पाओगे 

अभिन्न उन्मुक्त अव्यक्त को-

एक सदेह व्यक्त प्रारूप में......?

(मौलिक और अप्रकाशित) 

Views: 1347

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 13, 2013 at 7:24pm

आदरणीया राजेश जी 

मानव मन कब आपाधापी में नहीं घिरा रहता..? 

रचना पर आने और उसे वक़्त दे सराहने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद 

सादर.

Comment by अरुन 'अनन्त' on November 13, 2013 at 3:43pm

आदरणीया प्राची दी जिस गहनता आप रचनाएँ लिखती हैं उसका पार पाना मेरे लिए सैदव कठिन होता है, प्रस्तुत रचना विचार करने को बाध्य कर रही है बहुत ही गहरे भाव बहुत बहुत बधाई स्वीकारें.

Comment by Pradeep Kumar Shukla on November 13, 2013 at 11:04am

vicharniy rachna ... badhai Prachi ji


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 13, 2013 at 9:57am

अभिव्यक्ति में भाव शब्द अंतर्गुन्थन को मान देने के लिए आभार आ० नीरज मिश्रा जी 

Comment by vandana on November 13, 2013 at 6:52am

पूर्णत्वाकांक्षी तुम के आवरण में आबद्ध 'तुम'

क्या पहचान भी पाओगे 

अभिन्न उन्मुक्त अव्यक्त को-

एक सदेह व्यक्त प्रारूप में......?

सत्य से अवगत कराती सार्थक रचना आदरणीया डॉ.साहिबा बहुत सुन्दर चिंतन 

Comment by CHANDRA SHEKHAR PANDEY on November 13, 2013 at 12:00am

विचारणीय प्रश्न उठाती रचना महत्वपूर्ण दार्शनिक आयामों को समेटे है। 'तुम' को सदेह जानने की कोशिश में कुछ सल्लेखना को प्राप्त कर जाते हैं और कुछ महापरिनिर्वाण को। कुछ पंचभूत में लिप्त होने को ही 'तुम' की प्राप्ति का मार्ग समझते हैं। माननीया आप की अन्य रचना प्रतीक्षित है जो इस गहन प्रश्न का इसी सातत्य में आपके अपने अनुभवों को समेटती सहेजती हो। अंतर्मन को बेधती इस सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें। सादर नमन।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on November 12, 2013 at 5:37pm

आदरणीया डॉ प्राची जी आपकी इस कविता ने कुछ पलों के लिये स्तब्ध कर दिया था,मैं कुछ पल के लिये अनुत्तरित हो गया, क्या वाकई ये वही "तुम" हैं जो नज़र आ रहा है या अभी तक वो अंदर ही है? इस सवाल का जवाब बहुत मुश्किल है और अधिकतर लोगो के मन में ये अंतर्द्वंद्व चलता ही रहता है,

बहुत ही खूबसूरत और सच्चाई से जुड़ी रचना के लिये दिली दाद कुबूल करें

Comment by Dr Ashutosh Mishra on November 12, 2013 at 5:04pm

आदरणीया प्राची जी ..इस गहन चितन से ओतप्रोत शसक्त रचना के लिए तहे दिल बधाई स्वीकार करें ..सादर 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on November 12, 2013 at 2:25pm

बहुत ही सुन्दर चिंतन है आपका आदरणीया डॉ प्राची जी

इस सुन्दर रचना हेतु बधाई स्वीकारिये

Comment by Satyanarayan Singh on November 12, 2013 at 10:51am

आ डॉ. प्राची जी सादर,

           दिव्य चिंतन पर आधारित आपकी यह रचना दिव्यता के साथ साथ प्रगल्भ ज्ञान की अनुभूति कराती है. आदरणीया.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service