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ग़ज़ल - (रवि प्रकाश)

हमारे नाम का चर्चा हुआ होगा सितारों में।
ज़माना खोजता होगा हमें भी बेसहारों में॥
.
किसी ने हाथ छोड़ा तो बढ़ा के रुक गया कोई,
हमारी तंगहाली भी नज़ारा थी नज़ारों में।
.
छुपाते हैं जिसे दिल में उसे ही छीन लेता है,
न जाने कौन क़ातिल है हमारे राज़दारों में।
.
न मुड़ के देखती है फिर लहर जो लौट जाती है,
बड़ी गहरी उदासी है समंदर के किनारों में।
.
रिवाज़ों के,समाजों के अजब रंगीन किस्से हैं,
वही जिनसे अदावत थी जमा हैं सोगवारों में।
.
'रवी' अपनी ज़ुबानी ये कहानी क्या बयाँ होगी,
वही समझे,वही जाने लुटा हो जो बहारों में॥
.
-मौलिक एवं अप्रकाशित।
-04.12.2013

Views: 1091

Comment

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Comment by Ravi Prakash on December 18, 2013 at 8:29pm
इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए सभी सुधी जनों का कोटिश: धन्यवाद । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।
Comment by Ravi Prakash on December 18, 2013 at 8:28pm
इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए सभी सुधी जनों का कोटिश: धन्यवाद । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।
Comment by Ravi Prakash on December 18, 2013 at 8:27pm
इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए सभी सुधी जनों का कोटिश: धन्यवाद । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।
Comment by Ravi Prakash on December 18, 2013 at 8:26pm
इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए सभी सुधी जनों का कोटिश: धन्यवाद । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 18, 2013 at 8:14pm

पूरी ग़ज़ल वाह वाह हुई है.. दिली दाद कह रहे हैं हम, भाईजी.. 

बधाई

Comment by Ravi Prakash on December 8, 2013 at 7:41am
Thanks Anurag Ji..
Comment by Ravi Prakash on December 8, 2013 at 7:36am
आ॰ अभिनव जी,आपको रचना अच्छी लगी, जान कर मन को असीम आनंद प्राप्त हुआ। स्नेह बनाए रखें।
Comment by Abhinav Arun on December 8, 2013 at 5:42am

खूबसूरत कामयाब कलाम के लिए ढेरों मुबारकबाद रवि जी ..

न मुड़ के देखती है फिर लहर जो लौट जाती है,
बड़ी गहरी उदासी है समंदर के किनारों में।
.
रिवाज़ों के,समाजों के अजब रंगीन किस्से हैं,
 वही जिनसे अदावत थी जमा हैं सोगवारों में।...जिंदाबाद वाह वाह !!

Comment by Anurag Singh "rishi" on December 7, 2013 at 11:10pm

behad sundar gazal vah

Comment by Ravi Prakash on December 6, 2013 at 10:31pm
आदरणीय अगम जी, इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए कोटिश: धन्यवाद । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।

कृपया ध्यान दे...

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