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वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......... डॉ० प्राची

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम

वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

गत्य धुरी पर आगत नित नव

युग्म सतत, प्रति क्षण हो उत्सव,

सद्विचार सन्मार्ग नियामक

ऊर्ध्व करें मानवता मस्तक,

मिटे कलुषता का अँधियारा, हृदय ज्ञान से ज्योतिर्मय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

परिष्कार को प्रतिक्षण तत्पर

संकल्पित अभ्यास सतत कर,

नित्य ज्ञान हित सर्व समर्पित

क्षुद्र अहम् कर पूर्ण तिरोहित,

भाव भक्ति हो नित श्रद्धामय, कर्म श्रेष्ठतम युति कृतिमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

अर्थपूर्ण उन्नत चिंतन युत

जन हितार्थ हो सर्वस आहुत,

काव्य-सुधा दृढ़ भाव अलंकृत

मंथन दर्शन लेखन जागृत,

सद्ग्राही उर संस्कारमय, शब्द कंप में मधुरिम लय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

 

प्रतिपूरित हों अभिलाषाएं

सतरंगी मन परिभाषाएं,

हर सुयत्न उल्लास भरा हो

लक्ष्य-भेद विश्वास भरा हो,

स्वास्थ्यपूर्ण औ’ वैभवशाली, यशपूरित प्रति क्षण सुखमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ......

मौलिक और अप्रकाशित 

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 2, 2014 at 9:01pm

शुभकामनाओं के लिए सादर धन्यवाद आदरणीया माहेश्वरी कनेरी जी 

Comment by अरुन 'अनन्त' on January 2, 2014 at 2:29pm

वाह वाह एक एक बंद हृदयस्पर्शी बन पड़ा है दिदिया नव वर्ष पर इससे सुन्दर सुगठित संदेशप्रद नेक विचारों से लबरेज पाठन हेतु और क्या हो सकता है दिल खुश हो गया गीत पढ़कर. हृदयतल से हार्दिक बधाई, सपरिवार सहित नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on January 2, 2014 at 10:01am

नववर्ष का संदेश देती बहुत खूबसूरत रचना है, बहुत बहुत बधाई इस खूबसूरत गीत पर

Comment by Abhinav Arun on January 2, 2014 at 9:47am
सुन्दर सार्थक कामनाओं से युक्त सशक्त रचना के लिए हार्दिक साधुवाद डॉ साहिबा और नव वर्ष की मंगलकामनाएं !!
Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 1, 2014 at 10:53pm

परिष्कार को प्रतिक्षण तत्पर

संकल्पित अभ्यास सतत कर,

नित्य ज्ञान हित सर्व समर्पित

क्षुद्र अहम् कर पूर्ण तिरोहित,

भाव भक्ति हो नित श्रद्धामय, कर्म श्रेष्ठतम युति कृतिमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ....

नववर्ष में सफल जीवन के लिए सुंदर संदेशप्रद रचना, नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ बधाई स्वीकारें आदरणीया डा.प्राची जी,


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 1, 2014 at 9:35pm

रचना की सराहना के लिए सादर आभार आ० नादिर खान जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 1, 2014 at 9:34pm

गीत पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद आ० आशीष नैथानी जी 

Comment by Maheshwari Kaneri on January 1, 2014 at 7:51pm

सुन्दर नववर्ष गीत के लिए बधाई..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on January 1, 2014 at 6:27pm
आदरणीया प्राची दीदी! कितना सुन्दर नववर्ष गीत है। मेरे समझ से निराला जी की या प्रसाद जी की किसी रचना के निकटतम!
नववर्ष की अनेकश: शुभकामनाएं।
Comment by नादिर ख़ान on January 1, 2014 at 5:38pm

परिष्कार को प्रतिक्षण तत्पर

संकल्पित अभ्यास सतत कर,

नित्य ज्ञान हित सर्व समर्पित

क्षुद्र अहम् कर पूर्ण तिरोहित,

भाव भक्ति हो नित श्रद्धामय, कर्म श्रेष्ठतम युति कृतिमय हो ......

नित्य प्रगति सोपान गढ़ें हम, वर्ष नवल शुभ मंगलमय हो ..

अदरणीया प्राची जी, बेहतरीन अभिव्यक्ति .....उत्तम रचना के लिए बधाई ।

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।

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