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आदमी (प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा )

आदमी 
---------------
ऊँची ऊँची अट्टालिकाएं
बौने लोग
विकृति और स्वभाव
एक दूजे के
पर्यायवाची

चाहरदीवारी के मध्य
शून्य
वर्जनाओं के टूटने का
उदघोष
खामोशी से सुनते हुए
ध्वनि प्रतिध्वनि
संज्ञा शून्य

आहत भावनाये
रिसता खून
अँगुलियों से चाटते हुए
शायद
ये भी नमकीन है
अपनों के लहू जैसा

प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा
मौलिक /अप्रकाशित
२०.०४.२०१४

Views: 1310

Comment

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Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on August 1, 2014 at 7:25pm

मैं विलम्ब से हाजिर हुआ . बीमारी ने आपके साथ ये उत्सव आप सब के साथ नहीं मनाने दिया . पर आप लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया . इस मंच पर ऐसी उपलब्धि होना आसान नहीं . ये गर्व की बात है. मैं चयन समिति , आप सब और उस परम पिता परमेश्वर का  आभारी हूँ जिसने जीवन में ऐसा अवसर प्रदान किया. 

आभार /नमस्कार / जय हो मंगलमय हो 

Comment by कल्पना रामानी on May 22, 2014 at 8:40pm

उत्कृष्ट प्रस्तुति! बधाई स्वीकार करें आदरणीय

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on May 14, 2014 at 5:37pm

श्रद्धेय श्री कुशवाहा जी,

आपकी इस कविता को  'महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना' चुने जाने पर मेरी हार्दिक बधाई ...सादर!

Comment by Maheshwari Kaneri on May 14, 2014 at 5:21pm

आदरणीय प्रदीप जी
सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें 

Comment by Meena Pathak on May 13, 2014 at 10:56am

शायद ये भी नमकीन है अपनों के लहू जैसा ....... बहुत गहरी बात कही आप ने आदरणीय कुशवाहा जी | बहुत बहुत बधाई | सादर 

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on May 11, 2014 at 11:38am

संज्ञा शून्य
आहत भावनाये
रिसता खून
अँगुलियों से चाटते हुए
शायद
ये भी नमकीन है
अपनों के लहू जैसा
आज की संवेदनहीनता को दर्शाती बहुत सुन्दर रचना ...आदरणीय कुशवाहा जी बधाई महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए
भ्रमर ५

Comment by Neeraj Neer on May 10, 2014 at 8:53am

बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें ..


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 9, 2014 at 1:15pm

आदरणीय प्रदीप भाई , आपकी रचना को इस महीने की सर्व श्रेष्ठ रचना चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥

Comment by Mukesh Verma "Chiragh" on May 9, 2014 at 12:29pm

आदरणीय प्रदीप जी
सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए बहुत बहुत मुबारकबाद

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on May 9, 2014 at 12:11pm

आदरणीय प्रदीप भाई 

आपकी इस कविता को  महीने की सर्वश्रेठ रचना चुने जाने पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करें 

कृपया ध्यान दे...

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