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जन का जन पर जनता-राज (चौपई छंद) // -सौरभ

चौपई छंद - प्रति चरण 15 मात्रायें चरणान्त गुरु-लघु
====================================
किसी राष्ट्र के पहलू चार । जनता-सीमा-तंत्र-विचार ॥
जन की आशा जन-आवाज । जन का जन पर जनता-राज ॥

प्रजातंत्र वो मानक मंत्र । शोषित आम जनों का तंत्र ॥
किन्तु सजग है आखिर कौन ? जाहिल मछली, बगुले मौन !!

सत्ता हुई ठगी का काम । सभी रखें शतरंजी नाम ॥
बोल-बचन में माहिर चंट । तलवे चाटें, कभी फिरंट ॥                       [चंट - धूर्त, फिरंट - क्रुद्ध]

लाल रंग कर रहा अनाथ । कमल घड़ी गज झाड़ू हाथ ॥
ढंग-ढंग के चिह्न तमाम । छुरी बगल में, मुख में राम !!

ओढ़ मुखौटे करते खेल । लिये चमेली वाला तेल ॥
दिया नारियल बंदर हाथ । जनता भावुक, शातिर नाथ ॥
*********
-सौरभ
*********
(मौलिक और अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on April 24, 2014 at 6:33pm

रोचक और सार्थक चोपई छंद इस चुनावी माहौल में बहुत सुन्दर लगे | बहुत बहुत बधाई आदरणीय 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on April 24, 2014 at 5:54pm

आदरणीय सौरभ भाई , सुन्दर सामयिक चौपाई छंदों के लिये आपको , मेरी दिली बधाइयाँ ।

Comment by Ashish Srivastava on April 24, 2014 at 10:24am

aadartniya saurabh jji

is chhand me naye prateek achhhe lage , pehli baar pada ,, jaahil machhli ... achha lagaa 

प्रजातंत्र वो मानक मंत्र । शोषित आम जनों का तंत्र ॥ 
किन्तु सजग है आखिर कौन ? जाहिल मछली, बगुले मौन !!

sundar , aaj ka satya ..

 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 23, 2014 at 10:07am

वाह वाह.... आज के चुनावी माहौल में क्या जबरदस्त व्यंग्य करते हुए ये चौपई छंद लिखा आपने मजा आ गया पढ़ कर बहुत- बहुत बधाई  आपको आ० सौरभ जी. 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on April 23, 2014 at 9:44am

बहुत बढ़िया चौपाई आदरणीय सौरभ जी, वर्तमान में यही सब कुछ हो रहा है

सत्ता हुई ठगी का काम । सभी रखें शतरंजी नाम ॥
बोल-बचन में माहिर चंट । तलवे चाटें, कभी फिरंट ॥......एक कटु सत्य आज के अवसरवादियों का

Comment by वेदिका on April 22, 2014 at 10:54pm

बहुत ही प्रभावशाली चौपाई छंद की रचना की।

//ढंग-ढंग के चिह्न तमाम । छुरी बगल में, मुख में राम !!//
बेहद तरीके से तंज किया है आपकी कलम ने।
बधाई आदरणीय सौरभ जी!

Comment by Maheshwari Kaneri on April 22, 2014 at 6:21pm

आदरनीय सौरभ जी बहुत बढिया आज के हालात पर लिखा चौपई छंद ..आभार

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