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है ईश्वर तुल्य वो , जो अपने वतन पर मरने वाला है .......

बडा मंदिर न मस्जिद , न कोई गिरजा शिवाला है
न कोई अर्चना , पूजा बडी , अरदास , माला है
वतन सबसे बडा मंदिर , वतन सबसे बडी पूजा
है ईश्वर तुल्य वो , जो अपने वतन पर मरने वाला है ।

जो सच की पैरवी और झूठ का प्रतिकार करता है ,
मोहब्बत हो जिसे इंसानियत से और एतबार करता है
जरूरी है नहीं हर शख्स सरहद पर लडे जाकर ,
वही सच्चा सिपाही है , जो वतन से प्यार से करता है ।

न कोई आरजू , ख्वाहि श , न कोई शर्त रखते हैं ।
न बोझा कोई सीने पर , न सर पे कर्ज रखते है।
वतन पर मरने वाले होते है हमऔर आप जैसे ही
मगर हर हाल में आगे वो खुद से , फर्ज रखते हैं ।

मौलिक व अप्रकाशित
अजय कुमार शर्मा

Views: 613

Comment

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Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 28, 2015 at 7:20am

aadarneey ajay jee ,,is sunder rachna ke liye tahe dil badhaaaye ..rachna mein mmatrik kram ka jikra nahee hai ..saadar

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 27, 2015 at 11:50am

आ0  अजय भाई, खूबसूरत प्रस्तुति, बधाई .

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 27, 2015 at 11:13am
देश - प्रेम पर बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, बधाई आदरणीय अजय शर्मा जी, सादर।
Comment by khursheed khairadi on January 27, 2015 at 10:59am

वतन सबसे बडा मंदिर , वतन सबसे बडी पूजा
है ईश्वर तुल्य वो , जो अपने वतन पर मरने वाला है ।

आदरणीय अजय शरमा जी , बहुत दिनों बाद देशभक्ति की रचना पढ़ने को मिली है |सुन्दर भाव ''शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले '  किंतु आज तो केवल नेताओं के जन्मदिन पर ही मेले लगते है |काश हम शहीदों की शहादत को मान देना सीख जायें |सादर अभिनन्दन |

Comment by ajay sharma on January 26, 2015 at 10:37pm

republic day ki sabhi ko bahut bahut badhayian

Comment by kanta roy on January 26, 2015 at 10:37pm
" वतन सबसे बडा मंदिर ,
वतन सबसे बडी पूजा
है ईश्वर तुल्य वो ,
जो अपने वतन पर मरने वाला है ।".... देशप्रेम से ओत प्रोत बेहद सुंदर रचना । आभार

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 26, 2015 at 9:38pm

आदरणीय अजय जी इस सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई ....

Comment by Hari Prakash Dubey on January 26, 2015 at 6:44pm

आदरणीय अजय कुमार जी , खूबसूरत प्रस्तुति ,बधाई आपको !

Comment by somesh kumar on January 26, 2015 at 4:35pm

जो सच की पैरवी और झूठ का प्रतिकार करता है , 
मोहब्बत हो जिसे इंसानियत से और एतबार करता है 
जरूरी है नहीं हर शख्स सरहद पर लडे जाकर , 
वही सच्चा सिपाही है , जो वतन से प्यार से करता है ।

बहुत खूब कितनीं यथार्थ भरी बात कही आप ने ,देश प्रेम के लिए बड़े-बड़े कार्य नहीं छोटे-छोटे कार्य पूरी शिद्दत से करने चाहिएं |

कृपया ध्यान दे...

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