For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल .........;;;गुमनाम पिथौरागढ़ी

2122 2122 212

जब हमें दिल का लगाना आ गया
राह में देखो ज़माना आ गया


ख़त तुम्हारा देखकर बोले सभी
खुशबू का झोंका सुहाना आ गया


इक पता लेके पता पूंछे चलो
बात करने का बहाना आ गया


नाम तेरा जपते जपते यूँ लगे
अब तुझे ही गुनगुनाना आ गया


ज़िन्दगी रफ़्तार में चलती रही
मौत बोली अब ठिकाना आ गया

बेरुखी ने ही दिखाया गई हमें
फूल पत्थर पर चढ़ाना आ गया


शख्स इक गुमनाम देखा बोले सब
शहर में देखो दिवाना आ गया


मौलिक व अप्रकाशित


गुमनाम पिथौरागढ़ी

Views: 808

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by gumnaam pithoragarhi on February 3, 2015 at 8:44pm

धन्यवाद खुर्शीद जी आपका शुक्रिया

Comment by khursheed khairadi on February 3, 2015 at 9:58am

ख़त तुम्हारा देखकर बोले सभी 
खुशबू का झोंका सुहाना आ गया

इक पता लेके पता पूंछे चलो 
बात करने का बहाना आ गया

नाम तेरा जपते जपते यूँ लगे 
अब तुझे ही गुनगुनाना आ गया

वाह.. आदरणीय गुमनाम साहब क्या ही उम्दा ग़ज़ल हुई है |शेर दर शेर दाद कबूल फरमावें |मक्ते में तखल्लुस गज़ब रंग भर रहा है |सादर अभिनन्दन |

Comment by gumnaam pithoragarhi on February 1, 2015 at 6:40pm

धन्यवाद शिज्जु शकूर जी गिरिराज जी ........... सर समझ आ गया गलती से बिंदी इधर की उधर हो गयी ....... धन्यवाद


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 1, 2015 at 12:25pm

आदरणीय गुमनाम भाई , बढिया गज़ल के लिये बधाई स्वीकार करें । आ. शिज्जु भाई का इशारा समझियेगा ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on February 1, 2015 at 9:15am

वाह गुमनाम जी बेहतरीन ग़ज़ल है लाजवाब हर शे'र कमाल का है। दिली दाद पेश कर रहा हूँ इस रचना के लिये।
इक पता लेके पता पूछे चलो

गौर फरमाइयेगा

Comment by vijay on January 31, 2015 at 11:03pm
वाह गुमनाम जी क्या बात है
उम्दा
शेर दर शेर
Comment by gumnaam pithoragarhi on January 31, 2015 at 9:14pm
धन्यवाद शाम जी मुकेश जी गोपाल जी ....... हाँ लिखते समय शायद जल्दी कर गया ............ वो कुछ इस तरह है ..... बेरुखी ने ये सिखाया है हमें
फूल पत्थर पर चढ़ाना आ गया

आप सभी का धन्यवाद
Comment by Shyam Mathpal on January 31, 2015 at 3:11pm

Aadarniya Gumnami Ji

Har Pankti dil ko chu gai. Kya kamal ka likha hai.

Kaun Kahat a tum Gum Naam Ho.

Har Dil par tumara naam hai,Har jagah tumara paigaam hai.

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 31, 2015 at 1:29pm


 बेरुखी ने ही दिखाया गई हमें----कुछ टंकण त्रुटि है मित्र , शायद i बाकी गजल बहुत सुन्दर i

Comment by MUKESH SRIVASTAVA on January 31, 2015 at 10:32am

इक पता लेके पता पूंछे चलो
बात करने का बहाना आ गया bahut khooboorat rachna abadhaee

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
20 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Monday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
May 31
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
May 30
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
May 30

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service