For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

समझ कर भी ये कुछ समझा नहीं है
ख़ुदा से आदमी डरता नहीं है

हमें हक़ के लिये लड़ना पड़ेगा
ये मौक़ा हाथ मलने का नहीं है

शराफ़त की दुहाई देने वालों
मुक़ाबिल इतना शाइस्ता नहीं है

ये आवाज़ों का जंगल है यहाँ पर
कोई फ़न्कार की सुनता नहीं है

नज़र के सामने रहता है लेकिन
कभी हमने उसे देखा नहीं है

ये दुनिया है संभल कर पाँव रखना
तुम्हारे घर का बाग़ीचा नहीं है

मैं अपनी क़ब्र में लेटा हुवा हूँ
मुझे अब कोई अन्देशा नहीं है

"समर" आँखें बदलती जा रही हें
मिरा सपना अभी टूटा नहीं है

---समर कबीर
मौलिक/अप्रकाशित

Views: 954

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:27pm
जनाब डा.आशुतोष मिश्रा जी,आदाब,हौसला अफ़ज़ाई के लिये बहुत बहुत शुक्रिया |
Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:24pm
जनाब उमेश कतारा जी,आदाब,ग़ज़ल पसंद करने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया |
Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:21pm
जनाब गुमनाम पिथोगड़ी जी,आदाब,ग़ज़ल में आपकी शिर्कत से दिल बाग़ बाग़ हो गया,शुक्रिया |
Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:15pm
जनाब डा.विजय शंकर जी,आदाब अर्ज़ करता हूँ,हौसला अफ़ज़ाई के लिये तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।
Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:10pm
जनाब ख़ुर्शीद ख़ैराड़ी जी,आदाब,आपने मेरी आवाज़ को सुन लिया,तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।
Comment by Samar kabeer on February 8, 2015 at 10:02pm
मोहतरमा प्रतिभा त्रिपाठि जी,आदाब अर्ज़ करता हूँ,आपने मेरी ग़ज़ल को अपना क़ीमती समय दिया,तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 8, 2015 at 9:04pm

नज़र के सामने रहता है लेकिन
कभी हमने उसे देखा नहीं है
ये दुनिया है संभल कर पाँव रखना
तुम्हारे घर का बाग़ीचा नहीं है
मैं अपनी क़ब्र में लेटा हुवा हूँ
मुझे अब कोई अन्देशा नहीं है........................हर शेर उम्दा है  इस शानदार ग़ज़ल के लिए तहे दिल बधाई सादर 

Comment by umesh katara on February 8, 2015 at 8:02pm

वाह

Comment by gumnaam pithoragarhi on February 8, 2015 at 7:34pm
मैं अपनी क़ब्र में लेटा हुवा हूँ
मुझे अब कोई अन्देशा नहीं है

नज़र के सामने रहता है लेकिन
कभी हमने उसे देखा नहीं है

बधाई ,आदरणीय समर कबीर जी, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on February 8, 2015 at 6:13pm
सभी शेर बहुत अच्छे हैं, यह तो कुछ और भी ,
नज़र के सामने रहता है लेकिन
कभी हमने उसे देखा नहीं है
बधाई ,आदरणीय समर कबीर जी, सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Tuesday
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service