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प्रणाम      

 

देश के वीरों को प्रणाम

उन शहीदों को सलाम

हमारे कल के लिए नव कोपलों का बलिदान

माताओं ने किये बेटे कुर्बान

बहिनों ने दिया सुहाग का दान

सदियों सदा याद रखेगा हिंदुस्तान

 

संतान

 

देश के लिए जान दे

देश भक्ति का ज्ञान दे

राष्ट्र भाषा को मान दे

माँ ऐसे संतान दे.

 

आंसू

 

आंसुओं को यों ही पीते रहे

होंठों को यों ही सीते रहे

मज़बूरी में सितम सहते रहे

किसी की खातिर यों ही जीते रहे.

 

मौलिक व अप्रकाशित 

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Comment by Shyam Mathpal on March 16, 2015 at 8:34pm

Aadarniya Dr.Gopal Narayan Shrivastav Sb.

Sirodharya... Hardik Aabhar. Sukriya.

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on March 16, 2015 at 8:31pm

आ0 मठपाल जी

सुन्दर् भाव .

Comment by Shyam Mathpal on March 16, 2015 at 8:01pm

Aadarniya Hari Prakash Dubey Ji,

Bahut Dhanyabad.. Sukriya.....

Comment by Hari Prakash Dubey on March 16, 2015 at 7:06pm

आदरणीय श्याम मठपाल जी, सुन्दर क्षणिकाएँ, हार्दिक बधाई आपको, सादर !

Comment by Shyam Mathpal on March 16, 2015 at 6:57pm

Aadarniya Shyam Narain Verma Ji,Aadarniya Maharshi tripathi wa Aadarniya Anju mishra ji.

Aap sabhi ko rachnain ruchikar lagi. Hardik Aabhar... sukriya.

Comment by ANJU MISHRA on March 16, 2015 at 6:48pm

उत्तम रचना !

Comment by maharshi tripathi on March 16, 2015 at 5:46pm

देशभक्ति  से परिपूर्ण इस सुन्दर रचना पर आपको हार्दिक बधाई आ. Shyam Mathpal जी |

Comment by Shyam Narain Verma on March 16, 2015 at 4:40pm
इस सुंदर प्रस्तुति के लिए तहे दिल बधाई सादर

कृपया ध्यान दे...

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