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चयन (एक लघुकथा)

इतनी मुश्किल से तो बेठने की जगह मिली, ऊपर से गाड़ी लेट ! उस पर साथ मे पहले से बेठा आवारा सा लड़का जो लगातार उसे घूरता ही जा रहा है ! और वो गुस्से मे अनदेखा करके थोड़ा पीछे हटकर मुह घुमाकर बेठ गयी I अचानक पड़ा लिखा सुदर्शन युवा बीच  के थोड़ी से स्थान मे फस कर बेठ  गया, और लड़की अचानक आवारा लड़के से बोल पड़ी,

"भैया गाड़ी लेट क्यूँ हो गयी ?"!

 मोलिक अपकाशित 

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Comment by JAWAHAR LAL SINGH on April 16, 2015 at 9:23am

ज्यादा डर सफेदपोशों से ही लगता है ... भावना व्यक्त करने में सफल रहे हैं आप प्रिय अमन kumar जी 

Comment by aman kumar on April 16, 2015 at 8:53am

दुबे जी का आभार !

Comment by aman kumar on April 16, 2015 at 8:52am

डाक्टर विजय शंकर जी का आभार जो दिशा निर्देशन दिया है उसका पालन का प्रयास रहेंगा !

Comment by Dr. Vijai Shanker on April 16, 2015 at 6:26am
बड़ी प्रेक्टिकल कहानी है , अच्छी है, बधाई.
हिंदी में देवनागरी टाइप की प्रेक्टिस भी करते रहें। जैसे " बैठ " के लिए अंग्रेजी के baith टाइप करें , ठीक हो जाएगा।
Comment by Hari Prakash Dubey on April 15, 2015 at 9:54pm

सुन्दर प्रयास है आ.अमन कुमार जी ! बधाई  

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