For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आवारगी – ( लघुकथा ) -

आवारगी – ( लघुकथा )  -

 मुंबई जाने वाली एक्सप्रेस गाडी में टिकट चैक करने पर टी सी गोस्वामी जी को दो लडके बारह तेरह साल की उम्र के बिना टिकट मिले!

"कहां जा रहे हो"!

"शहर"!

"कौनसे शहर"!

"मालूम नहीं, जहां तक गाडी लेजाय"!

"टिकट क्यों नहीं लिया"!

"साब टिकट के पैसे नहीं थे!तीन दिन से कुछ खाया भी नहीं है!गॉव में सूखा और अकाल है!भुखमरी फ़ैली है!सोचा था शहर जाकर कहीं ढावा या होटल में वर्तन धोने का काम कर लेंगे तो रोटी तो मिलती रहेगी"!

"अब बिना टिकट यात्रा करने के ज़ुर्म में जेल जाना पडेगा तो सब आवारगी भूल जाओगे"!

"साब जेल में रोटी तो मिलती रहेगी ना"!

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 763

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on May 17, 2016 at 12:58pm

शानदार और अपने कथ्य को शाब्दिक करने में सफल लघुकथा .... बहुत बहुत बधाई 

एक निवेदन -

------------------------------

आवारगी – ( लघुकथा ) 

टिकट चैक करते हुए टी.सी. की नज़र बारह तेरह साल के दो लड़कों पर गई टी.सी. को देखकर दोनों कोने में दुबकने लगे

"टिकट?"

"नहीं है साब"

"कहां जा रहे हो?"

"शहर"

"कौन से शहर?"

"मालूम नहीं, जहाँ गाड़ी ले जाए"

"टिकट क्यों नहीं लिया?"

"साब टिकट के पैसे नहीं थे तीन दिन से कुछ खाया भी नहीं है। गॉव में सूखा और अकाल से भुखमरी फ़ैली है। सोचा था शहर जाकर कहीं ढाबा या होटल में बर्तन धोने का काम कर लेंगे तो कम से कम रोटी तो मिलती रहेगी"

"अब बिना टिकट यात्रा करने के ज़ुर्म में जेल जाना पडेगा तो सब आवारगी भूल जाओगे"

"साब जेल में रोटी तो मिलती रहेगी ना?"

Comment by Dr. Vijai Shanker on May 17, 2016 at 10:27am
कितने जेल पहुँच जाते हैं , रोटी की तलाश में , बहुत सही लघु - कथा , बधाई आदरणीय तेजवीर सिंह जी , सादर।
Comment by Rahila on May 17, 2016 at 10:02am
सुना है कई लोग तो जानबूझकर जेल जाने की फिराक में रहते है क्योंकि रहने को छत और खाने को दो वक्त की रोटी तो नसीब हो जाती है वहाँ । बहुत अच्छी रचना आदरणीय तेजवीर सर जी !बहुत बधाई ।सादर नमन
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on May 17, 2016 at 9:49am
विकट समस्याओं का नहीं कोई निकट समाधान। मेरा देश महान। जेल की रोटी गले उतरे, तब न! मेहनत करके होटल की रोटी भली भी होती व मेहनत करते रहने को प्रेरित भी करती। बहुत बढ़िया कथानक लिया है। हृदयतल से बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय तेज वीर सिंह जी बेहतरीन प्रस्तुति के लिए।
Comment by TEJ VEER SINGH on May 16, 2016 at 9:56pm

हार्दिक आभार आदरणीय जान गोरखपुरी जी!

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on May 16, 2016 at 9:16pm
समसामयिक परिदृश्य में सार्थक लघुकथा हुयी है आदरणीय।हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
1 minute ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
4 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
22 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
yesterday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
Tuesday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service