For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दोहो का उपकार

सदा सूफियाना गज़ल, गम को करके ध्वस्त.

शब्द अर्थ रस भाव से, ऊर्जा भरे समस्त.१

मंदिर  की  श्रद्धा  लिये  खड़ी  दीप- जयमाल.

वरे नित्य सुख- शांति को,  रखे प्रेम खुशहाल.२

मस्ज़िद का ताखा प्रखर, लिये धूप की गंध.

मेघ-मेह की भांति ही, जोड़े मृदु सम्बंध.३

पश्चिम  का  तारा  उदय, हुआ ईद का चांद.

उन्तिस  रोज़ो  से  डरा, छिपा शेर की मांद.४

रोज़ो से सहरी मिली, सांझ करे इफ्तार.

उन्तिस दिन के बाद फिर, ईद हुई गुलज़ार.५

मौलिक व अप्रकाशित

रचनाकार.....केवल प्रसाद सत्यम

Views: 844

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 12, 2016 at 9:09pm

आ०   ब्रजेश भाई जी, प्रणाम!    आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 12, 2016 at 9:09pm

आ०   सौरभ सर जी, प्रणाम!   आपका मार्गदर्शन सदैव ही  सतपथ कीओर ले जाता है.  इस स्नेह हेतु आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 12, 2016 at 9:06pm

आ०  आशुतोष भाई जी, प्रणाम!    आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 12, 2016 at 9:06pm

आ०  रामबली भाई जी, प्रणाम!    आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on June 12, 2016 at 5:15pm

बहुत सुन्दर दोहे आदरणीय 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on June 12, 2016 at 4:30pm

सदा सूफियाना गज़ल, गम को करे शिकस्त
शब्द अर्थ रस भाव से, ऊर्जा भरे समस्त.१...... शिकस्त दी जाती है. शिकस्त की जाती है, ऐसा नहीं होता.

मंदिर की श्रद्धा लिये खड़ी दीप- जयमाल.
वरे नित्य सुख- शांति को, रखे प्रेम खुशहाल.२...... इस छन्द का कर्ता कौन है ? बिना कर्ता के छन्द या शेर हल्के माने जाते हैं, भाईजी..

मस्ज़िद का ताखा प्रखर, लिये धूप की गंध.
मेघ-मेह की भांति ही, जोड़े मृदु सम्बंध.३................ जी, बहुत अच्छा !

पश्चिम का तारा उदय, हुआ ईद का चांद.
उन्तिस रोज़ो से डरा, छिपा शेर की मांद.४......... उदय संज्ञा है. जबकि वहाँ क्रिया की आवश्यकता थी. तभी तो पहले पद के सम चरण की तार्किकता बनेगी. दूसरा पद तनिक और स्पष्टता चाहता है. तभी शेर की माँद में छिपा तारा यदि उगे तो प्रसन्नता ईद के रूप में प्रस्फुटित होती अच्छी लगेगी. चाँद और माँद सही अक्षरी हैं.

रोज़ो से सहरी मिली, सांझ करे इफ्तार.
उन्तिस दिन के बाद फिर, ईद हुई गुलज़ार.५............ ’फिर’ का होना यह ज़ाहिर करता है, गोया मात्र २९ दिन ही के लिए ईद ग़ुलज़ार नहीं थी. बाकी दिन ग़ुलज़ार रहा करती है. ’फिर’ को ’लो’ या ऐसा कुछ कहकर सार्थकता बरती जा सकती है.

प्रस्तुति केलिए हार्दिक बधाइयाँ केवल प्रसाद जी..

Comment by Dr Ashutosh Mishra on June 12, 2016 at 3:29pm

आदरणीय केवल भाई जी ..इन दोहों में जो संदेश अपने दिया है काबिले तारीफ़ है इस रचना के लिए ह्रदय से बधाई स्वीकार करें सादर 

Comment by रामबली गुप्ता on June 11, 2016 at 12:07pm
हर दोहा शानदार है आदरणीय।
Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 10, 2016 at 7:31pm

आ०   रवि भाई जी, प्रणाम!    आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 10, 2016 at 7:30pm

आ० शहज़ाद भाई जी, प्रणाम!    आपका तहेदिल से शुक्रिया व हार्दिक आभार. सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
2 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
3 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
4 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
4 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आजकल खूब हो रहा है ये चलन और कभी कभी विवाद भी। आपकी चिरपरिचित शैली में विचारोत्तेजक लघुकथा। बधाई…"
4 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"समसामयिक विषय है ये। रियायत को ठुकराकर अपनी काबलियत से आगे बढ़ना अच्छा है,पर इतना स्वाभिमान कम ही…"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब। हार्दिक स्वागत आदरणीय मनन कुमार सिंह जी। समसामयिक और सदाबहार विषय और मुद्दों पर सकारात्मक और…"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"चाहतें (लघुकथा) : बार-बार मना करने पर भी 'इच्छा' ने अपनी सहेली 'तमन्ना' को…"
4 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service