For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गुरु-महिमा(आल्हा छंद पर प्रयास)

आज पर्व पावन है आया,होता है जो गुरु के नाम
कोटि-कोटि नत गुरु चरणों में,उनसे सीखे हैं सब काम
ज्ञान-सुधा बरसाते हैं जो,दे सकता क्या उनका दाम
माँ शारद को उनके पीछे,ही करता हूँ मैं परनाम!

मूढ़ पड़े पत्थर जैसे थे,जब तक मिला नहीं था ज्ञान
कोई काम सधा कब साधे, हम तो बने रहे अनजान
एक ज्योति पुँज हमें दिखाया,अज्ञान हुआ अंतर्ध्यान
हिंदी की सेवा हो जाए,बना रहे इसका सम्मान
.
शिष्य श्रेष्ठ हो जाता है तो,गुरु का भी बढ़ता है मान
इक दूजे के पूरक दोनों,पाते साथ-साथ सम्मान
गुरु देते श्रद्धा से लेते,पात्र शिष्य ही गुरु से ज्ञान
एकलव्य ने दिया अँगूठा,गुरु अपने का रक्खा मान

कर्म पथिक बन बढ़ता आगे,मन में लीन्हा गुरु को धार
आशीर्वाद सदा मिल जाए,हो जाएगा बेड़ा पार
मार्गदर्शक नहीं होते तो,मिलता नहीं कर्म को सार
अब लगता है नहीं रुकेगा,थक कर मन का रचनाकार

मौलिक एवम् अप्रकाशित

Views: 804

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on July 23, 2016 at 5:26pm
प्रोत्साहन के लिए सादर आभार आदरणीया कल्पना दीदी।
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on July 22, 2016 at 10:49pm
श्रद्धेय सौरभ पाण्डेय जी।सादर वन्दे!इस प्रयास पर उपस्थित होकर आपने इतनी सुंदर समीक्षा की।उसके लिए आभारी हूँ।श्रद्धेय सर मैंने वीर छंद को सीखने के प्रयोजन से यह प्रयास किया था।आपकी इसप्रयास पर उपस्थिति ने इसे नियमानुसार न होते हुए भी सार्थक कर दिया।श्रद्धेय सर आपके द्वारा सुझाए को हमेशा ध्यान रखूँगा और त्रुटियों को भी ठीक करने का सद्प्रयास करूँगा।सादर नमन।
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on July 22, 2016 at 6:06pm

वाह आदरणीय सतविंदर भैया , छंद का ज्ञान तो नहीं पर पढ़कर अच्छा लगा | बधाई स्वीकारें | 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 21, 2016 at 8:31pm

आदरणीय सतविन्द्र जी, छन्दों को लेकर आपकी लगन को देख हम सभी अभिभूत हैं. हार्दिक शुभकामनाएँ. 

आदरणीय अशोक भाईजी ने सम्यक सुझाव दिये हैं. उअकी सलाह पर आप अवश्य ध्यान देंगे. इसका पूरा विश्वास है. एक-दो प्रथम दृष्ट्या जो कुछ मुझे दीख पड़ा, वो आपसे साझा कर रहा हूँ. 

सुधा सही वर्तनी (अक्षरी) है, न कि शुधा. दूसरे गुरु सही वर्तनी है न कि गुरू. अर्थात, गुरु दो मात्राओं का शब्द है, न कि तीन मात्राओं का.

ये तो वर्तनी और मात्रा सम्बन्धी बातें हुई. मैं जिस ओर आप और गुणीजनों का ध्यान खींचना चाहता हूँ, वह छन्द और उसकी प्रकृति सम्बन्धी है. 

आल्हा छन्द मुखय्तः वीररस के लिए प्रयुक्त होने वाला छन्द है. मात्रिकता के हिसाब से तो कोई छन्द किसी भी भाव के शाब्दिक होने का कारण बन सकता है. परन्तु, आल्हा का यह नैसर्गिक गुण है कि वह अतिशयोक्तिपूर्ण भावों का वाहक होता है. आल्हा छन्द के लिए यह विशेष तौर पर कहा गया है कि अतिरेकपूर्ण कथ्य और अतिरंजना के भाव अवश्य संप्रेषित हों, ताकि सुनकर भुजाओं में बिजलियाँ कड़क उठें. इसी कारण युद्ध आदि के वर्णन इस छन्द के माध्यम से अभिव्यक्त होते हैं. या, वो कथ्य जिनसे उत्साह जगाने का काम लिया जा सके. आल्हा छन्द का ही दूसरा नाम वीर छन्द भी है. अब आप समझ सकते हैं कि मैं क्या कहना चाहता हूँ.  

ऐसे छन्द के माध्यम से गुरु महिमा की सात्विकता का बखान उचित प्रतीत नहीं होता. छन्द की प्रकृति भी प्रभावित होती है.

आपके प्रयास में कोई कमी नहीं है. लेकिन मेरा निवेदन इतना ही है कि कथ्य और विषय छन्द के अनुरूप नहीं हुआ है.

हार्दिक शुभकामनाएँ .

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on July 21, 2016 at 5:06pm
आदरणीय गिरिराज जी प्रोत्साहन से अभिभूत हूँ।सादर आभार नमन।
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on July 21, 2016 at 5:01pm
प्रोत्साहन के लिए आभार आदरणीय समर कबीर जी।नमन सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 21, 2016 at 10:34am

आदरणीय सतविन्द्र भाई , सही समय मे सही प्रस्तुति के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ । छंद शिल्प का ज्ञान मुझे नही है । वैसे आदरनीय अशोक भाई आपको कुछ सलाह दे ही चुके हैं । खयाल कीजियेगा ।

Comment by Samar kabeer on July 20, 2016 at 6:10pm
जनाब सतविंदर कुमार जी आदाब,इस सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on July 20, 2016 at 3:22pm
अनुमोदन एवम् प्रोत्साहन के लिए सादर हार्दिक आभार आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी।मार्गदर्शन के लिए पुनः आभार।मैं देखकर परिष्कृत करने का प्रयास करता हूँ।सादर
Comment by Ashok Kumar Raktale on July 20, 2016 at 1:58pm

अब लगता है नहीं रुकेगा,थक कर मन का रचनाकार............बिलकुल रुकना भी नहीं चाहिए.

आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, बहुत सुंदर आल्हा रचा है.बहुत-बहुत बधाई स्वीकारें. एक दो जगह ध्यान देने की आवश्यकता है.

अज्ञान तम अब अंतर्ध्यान ......मात्राएँ जांच लें.

बिन पथ मेहनत व्यर्थ जाती.....यहाँ गेयता नहीं बन रही है मेहनत की जगह श्रम  शब्द ले-लें. सादर.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
15 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
17 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
18 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
21 hours ago
Admin replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"लगभग 90 हजार प्रति वर्ष"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सादर नमस्कार और आदाब सम्मानित मंच। ओबीओ के वाट्सएप समूह से इस दुखद सूचना और यथोचित चर्चा की जानकारी…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय, ओ.बी.ओ. को बंद करने का निर्णय दुखद होने के साथ साथ संचालक मण्डल की मानसिक पराजय, थकान आदि…"
yesterday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"नीचे आए हुए संदेशों से यह स्पष्ट है कि अब भी कुछ लोग हैं जो जलते शहर को बचाने के लिए पानी आँख में…"
Monday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय जी  ओबीओ को बन्द करने की सूचना बहुत दुखद है । बहुत लम्बे समय से इसके साथ जुड़ा हूँ कुछ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओबीओ से पिछले बारह साल से जुड़ी हूँ। इसके बंद हो जाने की बात से मन भारी हो रहा है।मेरे कच्चे-पक्के…"
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service