For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अल्फाज से मगर ये छिपाया नही गया

*बह्र 221 2121 1221 212*

था नाम दिल पे दर्ज मिटाया नहीं गया
आँखों से मेरा प्यार छुपाया नहीं गया।।

कल को सँवारने में गई बीत ज़िन्दगी
जो सामने था लुत्फ़ उठाया नही गया।।

कोशिश बहुत की, राज़े मुहब्बत अयाँ न हो।
अल्फाज से मगर ये छिपाया नहीं गया।।

बीवी बहन न कोई मिलेगी बहू तुम्हे
बेटी को कोख में जो बचाया नहीं गया।।

मंदिर में जाके भोज कराने से फायदे?
माँ बाप को तो तुमसे खिलाया नहीं गया।।

पलको से रोकने की हुई कोशिशें मगर
"आंसू का बोझ दिल से उठाया नही गया।।"

मुश्किल कहाँ थे वादे मुहब्बत के नाथ, पर
तुमसे हमारा साथ निभाया नहीं गया।।

(मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 613

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by नाथ सोनांचली on December 20, 2016 at 4:15am
आदर्णीय गुरुदेव आपका आभार
Comment by Ravi Shukla on December 15, 2016 at 2:43pm

आदरणीय सुरेन्‍द्र नाथ जी बहुत अच्‍छी गजल कही है आपने  शेर दर शेर बधाई हाजिर है । 

Comment by TEJ VEER SINGH on December 15, 2016 at 12:26pm

हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेंद्र नाथ जी।बहुत उम्दा गज़ल।

बीवी बहन न कोई मिलेगी बहू तुम्हे
बेटी को कोख में जो बचाया नहीं गया।।

मंदिर में जाके भोज कराने से फायदे?
माँ बाप को तो तुमसे खिलाया नहीं गया।।

Comment by नाथ सोनांचली on December 13, 2016 at 1:37am
आद0 मिथिलेश वामनकर जी गजल को पढ़ने और प्रतिक्रिया और आशीष देने के लिए आपका ह्रदय से आभार
Comment by नाथ सोनांचली on December 13, 2016 at 1:35am
आद0 महेन्द्र कुमार जी गजल को मान देने के लिए हार्दिक आभार

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 13, 2016 at 12:25am

आदरणीय सुरेन्द्र जी, बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने. इस शानदार प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई. सादर 

Comment by Mahendra Kumar on December 12, 2016 at 9:33pm
उम्दा ग़ज़ल है आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी। हार्दिक बधाई। सादर।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 12, 2016 at 8:31pm

जनाब सुरेंद्र नाथ साहिब , बहुत ही सुन्दर ग़ज़ल हुई है , दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं --

Comment by नाथ सोनांचली on December 12, 2016 at 10:59am
आद0 जनाब समर कबीर साहब आदाब, आपकी दाद मिल गयी, मेरा लिखना सार्थक हो गया। यूँही आपका आशीष और मंच का साथ बना रहें। आप का ह्रदय तल से आभार
Comment by Samar kabeer on December 12, 2016 at 10:26am
जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,उम्दा ग़ज़ल हुई है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
19 hours ago
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
May 31
Manjeet kaur replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ मंच से बहुत कुछ सीखने को मिला इसके बंद होने की खबर दुखद और पीड़ादाई लगी। अजय गुप्ता जी की…"
May 30
Manjeet kaur commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"धर्मेंद्र कुमार जी आज के मुश्किल दौर में इतना जिगरा ! यथार्थ और सटीक वर्णन के लिए बहुत बहुत बधाई"
May 30
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .मंच

दोहा सप्तक. . . . . मंचअभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।यह जग…See More
May 30

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service