For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पत्ता था, सब्ज़, टूटके खिड़की में आ गया

221 2121 1221 212

पत्ता था, सब्ज़, टूटके खिड़की में आ गया

हस्ती शजर की बाकी है मुझको बता गया

 

माना हवाएँ तेज़ हैं मेरे खिलाफ़ भी

लेकिन जुनून लड़ने का इस दिल पे छा गया

 

खोने को पास कुछ भी नहीं था हयात में

किसकी तलाफ़ी हो अभी तक मेरा क्या गया

 

शायद ये दुनिया मेरे लिए थी नहीं कभी

फिर शिकवा क्यों करुँ कि खुदा फ़ैज़ उठा गया

 

ख़्वाबों को ज़िन्दा करके भी क्या होता, दोस्तो!

मेरा जो वक्त था वो तो कब का चला गया

 

Meaning:

तलाफ़ी – क्षतिपूर्ति, फ़ैज़ -  अनुकम्पा

 

-मौलिक व अप्रकाशित

Views: 788

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 23, 2017 at 9:34pm
ग़ज़ल को समय देने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया
Comment by Ravi Shukla on March 21, 2017 at 11:57am

आदरणीय शिज्जु भाई इस उम्दा गजल के लिए दिली मुबारकबाद कुबूल करें  हर शेर कमाल का है

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 19, 2017 at 5:16pm
वाह आदरणीय बेहतरीन गजल बधाई
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on March 19, 2017 at 10:04am
वाह शिज्जु शकूर साहिब बहुत ही उम्दा ग़ज़ल कही है। शेर दर शेर दाद कुबूल फरमाएं। मतला और मकता के शेरों का तो क्या कहना। बहुत खूब।
Comment by TEJ VEER SINGH on March 18, 2017 at 2:47pm

हार्दिक बधाई शिज्जु "शकूर" जी ।बेहतरीन गज़ल।

ख़्वाबों को ज़िन्दा करके भी क्या होता, दोस्तो!

मेरा जो वक्त था वो तो कब का चला गया


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 18, 2017 at 9:45am
आ. सतविंदर जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 18, 2017 at 9:44am
मोहतरम मोहम्मद आरिफ़ साहिब आपका तहेदिल से शुक्रिया
Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on March 17, 2017 at 6:50pm
आदरणीय शिज्जु शकूर सर,सादर वन्दन!इस उम्दा गजल के लिए दिली मुबारकबाद!
Comment by Mohammed Arif on March 17, 2017 at 5:58pm
आदरणीय शिज्जू शकूर जी आदाब,बेहतरीन ग़ज़ल । शेर दर शेर दाद के साथ मुबारक़बाद क़ुबूल कीजिए ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service