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ग़ज़ल(यहीं डूब जाने को जी चाहता है )

ग़ज़ल
--------
(फऊलन-फऊलन -फऊलन -फऊलन )

लगी को बुझाने को जी चाहता है |
तुम्हें कब से पाने को जी चाहता है |

यक़ीनन बड़ी मुज़त् रिब है शबे ग़म
मगर मुस्कराने को जी चाहता है |

समुंदर से गहरी हैं आँखें तुम्हारी
यहीं डूब जाने को जी चाहता है |

तेरे नाम में भी बहुत है हलावत
इसे लब पे लाने को जी चाहता है |

तेरे अहदे माज़ी से वाक़िफ़ हैं फिर भी
नयी चोट खाने को जी चाहता है |

मुसलसल मेरा इम्तहाँ लेने वाले
तुझे आज़माने को जी चाहता है |

मुझे याद तस्दीक़ आते हैं जब वो
ग़ज़ल गुनगुनाने को जी चाहता है |


मुज़त्रिब-----बेक़रार
हलावत------मिठास
माज़ी ---गुज़रा हुआ
(मौलिक व अप्रकाशित )

Views: 802

Comment

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Comment by Mahendra Kumar on May 15, 2017 at 12:05pm

तेरे अहदे माज़ी से वाक़िफ़ हैं फिर भी, नयी चोट खाने को जी चाहता है.. बहुत ख़ूब आदरणीय तस्दीक जी. इस उम्दा ग़ज़ल के लिए ढेर सारी बधाई स्वीकार कीजिए. सादर. 

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on May 8, 2017 at 2:28pm
मुहतरम जनाब रवि साहिब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का बहूत बहुत शुक्रिया
Comment by Ravi Shukla on May 8, 2017 at 10:01am

आदरणीय तस्‍दीक साहब बहुत बढि़या गजल कही है आपने हर शेर पर वाह वाह । दिली दाद और मुबारक बाद पेश है

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on May 6, 2017 at 10:38pm
मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब आदाब, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Samar kabeer on May 6, 2017 at 9:42pm
जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on May 6, 2017 at 5:57am
जनाब ब्रजेश कुमार साहिब,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on May 5, 2017 at 11:48pm
खूबसूरत ग़ज़ल हुई आदरणीय हार्दिक बधाई
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on May 5, 2017 at 10:00pm
मुहतरम जनाब अनुराग साहिब,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on May 5, 2017 at 9:58pm
मुहतरम जनाब गिरिराज साहिब,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 5, 2017 at 8:15pm

आदरनीय तस्दीक भाई , खूबसूरत गज़ल के लिये आपक बधाइयाँ ।

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