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ग़ज़ल (दीपावली)
212×4

जगमगाते दियों से मही खिल उठी,
शह्र हो गाँव हो हर गली खिल उठी।

लायी खुशियाँ ये दीपावली झोली भर,
आज चेह्रों पे सब के हँसी खिल उठी।

आप देखो जिधर नव उमंगें उधर,
हर महल खिल उठा झोंपड़ी खिल उठी।

सुर्खियाँ सब के गालों पे ऐसी लगे,
कुमकुमे हँस दिये रोशनी खिल उठी।

ओ बी' ओ को बधाई 'नमन' पर्व की
मंच पर आज दीपावली खिल उठी।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by Mohammed Arif on October 20, 2017 at 6:13pm
आदरणीय वासुदेव अग्रवाल जी आदाब, दीपोत्सव पर बेहतरीन ग़ज़ल की सौग़ात । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:55pm
1222×4

दिवाली की बधाई है मेरी साहित्य बन्धुन को,
सभी बहनें सभी भाई करें स्वीकार वन्दन को,
भरे भण्डार लक्ष्मी माँ सभी के प्रार्थना मेरी,
रहें मिलजुल सदा धारण करें साहित्य चन्दन को।

समस्त ओ बि ओ के साथियों को दीपमाला की शुभकामना।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:54pm
आ0 अजय तिवारी जी दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामना और हृदय तल से आभार।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:52pm
आ0 शेख सहजाद उस्मानी जी दीपावली की शुभकामना के साथ आपका हार्दिक आभार।
Comment by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on October 19, 2017 at 8:51pm
आ0 समर कबीर जी दीपावली की हार्दिक शुभकामना के साथ ग़ज़ल को आपका आशीर्वाद मिला लिखना सार्थक हुआ।
Comment by Samar kabeer on October 19, 2017 at 5:32pm
जनाब बासुदेव अग्रवाल'नमन'जी आदाब,बहुत सुंदर और सार्थक ग़ज़ल हुई है,हर शैर दीपावली के दिए जैसा जगमगा रहा है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
आपको दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 19, 2017 at 3:52pm
पर्व विशेष पर शुभकामनाएं प्रेषित करती बढ़िया प्रस्तुति के लिए सादर हार्दिक बधाई आदरणीय बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी। दीपोत्सव पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
Comment by Ajay Tiwari on October 19, 2017 at 1:30pm

आदरणीय बासुदेव जी,

ग़ज़ल में आपने खूबसूरत दीपावली खिलाई है.

दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं.

सादर 

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