For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

महिला सशक्तिकरण (कामरूप छःन्द)

नारी न अबला, आज सबला, हौसले की खान
हर गम सहे वो, बिन कहे वो, बिखेरे मुस्कान
ममतामयी वो, गुण क़ई जो, ईश का वरदान
सम्मान घर की, शक्ति नर की, देव गाते गान

शिशु साथ पाले, घर सँभाले, और बाहर नाम
उल्टी पवन हो, थल गगन हो, करे ना आराम
कंधा मिलाकर, पग बढ़ाकर, ख़डी है हर धाम
पीछे नहीं अब, वो करे सब, हर तरह के काम

घर से निकलती, साथ चलती, हर कदम अब नार
अपनी लगन से, नित सृजन से, रचे नव संसार
छोटा बड़ा हो, दुख खड़ा हो, वो न माने हार
देवी स्वरूपा, स्नेह रूपा, शक्ति का अवतार

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 510

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by नाथ सोनांचली on November 21, 2017 at 1:47pm
आद0 बृजेश कुमार ब्रज जी सादर अभिवादन, रचना पर आपकी उपस्थिति और प्रतिक्रिया के लिए हृदय तल से आभार
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on November 21, 2017 at 12:54pm
वाह वाह खूब..नारी महिमा का बखान करते हुए सुन्दर रचना...
Comment by नाथ सोनांचली on November 20, 2017 at 4:47pm
आद0 तस्दीक अहमद खान साहब सादर अभिवादन, रचना के भावों को आत्मसात कर बेह्तरीन प्रतिक्रिया से अवगत कराने और बधाई के लिए हृदय तल से आभार।
Comment by नाथ सोनांचली on November 20, 2017 at 4:42pm
आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम, मेरी रचना पर आपका आशीष मिला, रचनाकर्म सार्थक हुआ। आपके उत्साहवर्धन से और बेहतर लिखने की प्रेरणा मिलती है, बहुत बहुत आभार आपका।
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on November 19, 2017 at 8:53pm
जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,महिलाओं का दर्द बयान करते सुन्दर कामरूप छन्द हुए हैं ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें
Comment by Samar kabeer on November 19, 2017 at 5:23pm
जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,महिला सशक्तिकरण पर बहुत उम्दा कामरूप छन्द लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।
Comment by नाथ सोनांचली on November 18, 2017 at 11:48am
आद0 सलीम साहब सादर अभिवादन, रचना पर आपकी उपस्थिति और मुबारकबाद का बहुत बहुत आभार
Comment by SALIM RAZA REWA on November 18, 2017 at 10:10am

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' ख़ूबसूरत रचना के लिए बधाई ,, कहीं कहीं गेयता भंग हो रही है देखिएगा 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari and आशीष यादव are now friends
9 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
9 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
9 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
15 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
15 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रबंधन समिति से आग्रह है कि इस पोस्ट का लिंक उस ब्लॉक में डाल दें जिसमें कैलंडर डाला जाता है। हो…"
16 hours ago
आशीष यादव posted a blog post

गन्ने की खोई

पाँच सालों की उम्र,एक लोहे के कोल्हू में दबी हुई है।दो चमकदार धूर्त पत्थर (आंखें) हमें घुमा रहे…See More
19 hours ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत अच्छे दोहे रचे गए हैं।  हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए।"
20 hours ago
आशीष यादव commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"एक बेहतरीन ग़ज़ल रचा है आपने। बिलकुल सामयिक।  इस बढ़िया रचना पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
20 hours ago
आशीष यादव commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"सदियों से मनुष्य प्रकृति का शोषण करता रहा है, जिसे विकास समझता रहा है वह विनास की एक एक सीढ़ी…"
20 hours ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .अधर
"वाह। "
20 hours ago
आशीष यादव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .विविध
"आदरणीय श्री सुशील जी नमस्कार।  बहुत बढ़िया दोहों की रचना हुई है।  बधाई स्वीकार कीजिए।"
20 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service